वेदांता ऑयल एंड गैस को सरकार का झटका: DGH ने मांगा 3369696750 रुपये का हर्जाना, क्या है पूरा मामला
सरकार के DGH ने वेदांता ऑयल एंड गैस से ₹336 करोड़ से अधिक के हर्जाने की मांग की है। यह ...और पढ़ें

सरकार और वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के बीच एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है।

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नई दिल्ली। सरकार और वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के बीच एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। यह कंपनी जाने-माने बिजनेसमैन अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप का हिस्सा है। भारत सरकार के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ हाइड्रोकार्बन्स (DGH) ने कंपनी से लगभग 35 मिलियन डॉलर (करीब ₹336 करोड़ से ज़्यादा) के हर्जाने की मांग की है। वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर अभी 34.85 रुपये पर है। इसके शेयर में आज गिरावट देखने को मिली।
पूरा विवाद किस बारे में है?
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (जिसे पहले MALCO एनर्जी लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, यह विवाद ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत आवंटित ऑयल और गैस ब्लॉक से जुड़ा है।
DGH ने कंपनी के चार ब्लॉक के लिए समय-सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा, डायरेक्टरेट जनरल ने इन ब्लॉक से जुड़े 'लिक्विडेटेड डैमेज' (अनुबंध के उल्लंघन पर तय हर्जाना) और लागू ब्याज के भुगतान के लिए एक डिमांड लेटर जारी किया है।
कंपनी का रुख और कानूनी कदम
इस मामले पर अपना रुख साफ़ करते हुए, वेदांता ऑयल एंड गैस ने कहा है कि इस विवाद में अपना पक्ष रखने के लिए उसके पास मज़बूत आधार हैं। कंपनी इस मुद्दे पर सही कानूनी विकल्पों और दूसरे उपलब्ध तरीकों पर विचार कर रही है।
विवाद को सुलझाने के लिए, कंपनी ने DGH से अनुरोध किया है कि वह इस मामले को 'बाहरी प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की समिति' (CEEE) को सौंपे। कंपनी सुलह या मध्यस्थता के ज़रिए इस मुद्दे का समाधान चाहती है।
कंपनी ने साफ़ किया है कि इस दावे के वित्तीय असर का अभी पूरी तरह से पता नहीं चला है। वित्तीय असर का आकलन भविष्य की कानूनी कार्यवाही के नतीजों और लागू अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के आधार पर किया जाएगा।
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