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अनिल अग्रवाल की कंपनी ₹5000 करोड़ का दांव खेलने को तैयार! जमीन के नीचे से निकालेगी कीमती चीजें; नए प्रोजेक्ट्स से होगी कमाई

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Sun, 26 Jul 2026 11:27 AM (IST)Updated: Mon, 27 Jul 2026 08:02 AM (IST)

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड चालू वित्त वर्ष में लगभग 50-60 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) का पूंजीगत निवेश करेगी। ...और पढ़ें

वेदांता की हिंदुस्तान जिंक करेगी निवेश (AI फोटो)

वेदांता की हिंदुस्तान जिंक करेगी निवेश (AI फोटो)

HighLights

  1. चालू वित्त वर्ष में 50-60 करोड़ डॉलर का पूंजीगत निवेश

  2. 80% निवेश मौजूदा, 20% नई परियोजनाओं पर होगा खर्च

  3. अगले 4-5 साल में क्षमता विस्तार पर चरणबद्ध निवेश

नई दिल्ली। अरबपति अनिल अग्रवाल, जिन्हें मेटल किंग भी कहा जाता है, के वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) चालू वित्त वर्ष में करीब 50-60 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) का पूंजीगत निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अरुण मिश्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस निवेश का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पहले से चल रही परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा, जबकि 20 प्रतिशत राशि नई परियोजनाओं के लिए रखी गई है, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी।

माइनिंग इक्विपमेंट के ऑर्डर दिए

मिश्रा ने बताया कि समूह की कुल परियोजना क्षमता 10 लाख टन है, जिसमें से 2.5 लाख टन (25 प्रतिशत) क्षमता को पहले ही 12,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मंजूरी मिल चुकी है। इनमें खनन और खनिजीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मिश्रा के अनुसार, खनन संबंधी उपकरणों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं और स्मेल्टर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि मिलिंग और कन्संट्रेट से जुड़े ऑर्डर अभी जारी होने बाकी हैं।

6.5 लाख टन क्षमता का और होगा विस्तार

मिश्रा ने कहा कि बाकी 6.5 लाख टन क्षमता के विस्तार के लिए भी लगभग इसी अनुपात में निवेश किया जाएगा। इसके लिए निवेश चरणबद्ध तरीके से अगले चार से पांच साल में किया जाएगा। इसके तहत कंपनी का औसत वार्षिक पूंजीगत व्यय 7,000-8,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
हालांकि, चालू वित्त वर्ष में इस निवेश का केवल 15-20 प्रतिशत ही वास्तविक नकद खर्च के रूप में दिखाई देगा। हालांकि, उन्होंने नई परियोजनाओं की समयसीमा या उनसे संबंधित वित्तीय ब्योरा नहीं दिया।

देश की प्रमुख जस्ता उत्पादक कंपनियों में शामिल

वेदांता की सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंस देश की प्रमुख जस्ता उत्पादक कंपनियों में से है। यह हाल के वर्षों में परिचालन के मोर्चे पर अपनी क्षमता बढ़ाने और दक्षता सुधारने के लिए लगातार निवेश कर रही है। यह जस्ता, सीसा और चांदी उत्पादन के मामले में अग्रणी कंपनियों में शामिल है।
बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध हिंदुस्तान जिंक में वेदांता लिमिटेड की 60.71 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 27.92 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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