सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गौतम अदाणी की अदाणी विंड का नया कमाल! मिले 696.2 मेगावाट के नए पवन ऊर्जा ऑर्डर; 5 बिजली उत्पादकों ने जताया भरोसा

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Sat, 24 Oct 2026 07:47 PM (IST)

अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पवन ऊर्जा इकाई अदाणी विंड को पांच बिजली उत्पादकों से कुल 696.2 मेगावाट क्षमता के ...और पढ़ें

अदाणी ग्रुप को मिले नए प्रोजेक्ट्स (AI फोटो)

अदाणी ग्रुप को मिले नए प्रोजेक्ट्स (AI फोटो)

HighLights

  1. अदाणी विंड को 696.2 मेगावाट के नए ठेके मिले

  2. पांच बिजली उत्पादकों से आपूर्ति के अनुबंध हुए

  3. कंपनी का ग्राहक आधार अब समूह के बाहर भी बढ़ा

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पवन ऊर्जा कारोबार अदाणी विंड को पांच बिजली उत्पादकों से कुल 696.2 मेगावाट क्षमता के ऊर्जा उत्पादक की सप्लाई के ठेके मिले हैं। नए ठेके मिलने के साथ ही अदाणी ग्रुप के अलावा बाहर भी कंपनी का ग्राहक आधार बढ़ा है।
ये ठेके ऐसे समय में मिले हैं, जब भारत का पवन ऊर्जा उद्योग अधिक क्षमता वाली टर्बाइन की ओर बढ़ रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी

अदाणी विंड गुजरात के मुंद्रा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। ठेके मिलने के बाद अब अदाणी ग्रुप से बाहर के स्वतंत्र बिजली उत्पादकों से कंपनी की कुल ठेका बुक एक गीगावाट (1,000 मेगावाट) के पार पहुंच गई है।

किस-किस कंपनी से मिले ठेके?

ठेके के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, इनमें आरपी-संजीव गोयनका समूह की कंपनी पूर्वा ग्रीन पावर से 300 मेगावाट, बीसी जिंदल समूह की कंपनी जिंदल इंडिया पावर से 155 मेगावाट, एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी से 109.2 मेगावाट, आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स से 82.5 मेगावाट और इंटीग्रम एनर्जी से 49.5 मेगावाट के ठेके शामिल हैं।
इन अनुबंधों के तहत 5.2 मेगावाट, पांच मेगावाट और 3.3 मेगावाट क्षमता वाले तीन प्रकार के पवन टर्बाइन जनरेटर की आपूर्ति की जाएगी। इन परियोजनाओं को कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र में स्थापित किया जाएगा।

दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विंड एनर्जी मार्केट

भारत, जो दुनिया का चौथा सबसे बड़ा पवन ऊर्जा बाजार है, में 59.2 GW की इंस्टॉल्ड पवन ऊर्जा क्षमता है, और 43 GW की अतिरिक्त क्षमता पर काम चल रहा है। देश में पवन टर्बाइन बनाने की क्षमता, वित्त वर्ष 2023 के लगभग 12 GW से दोगुनी होकर अब सालाना 24 GW से अधिक हो गई है।
देश ने वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 6.05 GW पवन ऊर्जा क्षमता जोड़ी है। इस उद्योग का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में लगभग 8 GW क्षमता स्थापित करना है, और अनुमान है कि वित्त वर्ष 2031 तक सालाना जुड़ने वाली क्षमता 13.2 GW तक पहुँच जाएगी।

ये भी पढ़ें - भारतीय रसोई का साथी: रथ वनस्पति घी का दिलचस्प इतिहास, डालडा को हराने के लिए हुई थी शुरुआत; फिर ऐसे खोता गया चमक