JP Associates के लिए छिड़ी 'कॉर्पोरेट वॉर', अदाणी की जीत पर भड़के अनिल अग्रवाल; बोले- 'कम पैसों वाली बिड को...'
Anil Agarwal vs Gautam Adani: जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण को लेकर गौतम अदाणी और अनिल अग्रवाल आमने-सामने हैं। वेदांता ग्रुप ...और पढ़ें
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जेपी एसोसिएट्स अधिग्रहण: अदाणी की जीत पर अनिल अग्रवाल का बड़ा सवाल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| जेपी एसोसिएट्स ( JP Associates acquisition) के अधिग्रहण को लेकर भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस टाइकून गौतम अदाणी और अनिल अग्रवाल (Adani vs Vedanta JP Associates) आमने-सामने हैं।
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को माइनिंग दिग्गज वेदांता ग्रुप ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (Vedanta NCLAT appeal) में अदाणी ग्रुप की जीत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता का सीधा आरोप है कि बैंकों की कमेटी (CoC) ने 'व्यावसायिक समझ' को ताक पर रखकर अदाणी की कम पैसों वाली बोली को क्यों चुना?
3400 करोड़ का बड़ा अंतर, फिर भी वेदांता पीछे?
वेदांता के वकील अभिजीत सिन्हा ने ट्रिब्यूनल को बताया कि,
उनकी बोली अदाणी ग्रुप के मुकाबले ग्रॉस वैल्यू में ₹3400 करोड़ और नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) में ₹500 करोड़ ज्यादा थी। इसके बावजूद, कर्जदाताओं ने अदाणी एंटरप्राइजेज के ₹3,00 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।"
वेदांता ने सवाल उठाया कि जब दिवाला कानून (highest bidder ignored IBC) का मुख्य उद्देश्य संपत्ति की 'वैल्यू मैक्सिमाइजेशन' यानी अधिकतम कीमत वसूलना है, तो कम पैसे वाली बिड को कैसे स्वीकार किया गया?
स्कोरिंग पर मचा घमासान
वेदांता ने अदालती कार्यवाही के दौरान बैंकों द्वारा इस्तेमाल किए गए 'इवैल्यूएशन मैट्रिक्स' पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि,
स्कोरिंग का तरीका पारदर्शी नहीं था। उदाहरण के तौर पर, NPV के मामले में वेदांता को 35 में से 35 अंक मिले, लेकिन बिजनेस ऑपरेशंस सुधारने के लिए निवेश जैसे मानकों पर उन्हें कम अंक दिए गए।"
वेदांता का आरोप है कि अदाणी को 29.30 स्कोर दिया गया जबकि उन्हें सिर्फ 18.51, जो कि तर्कसंगत नहीं लगता।
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अदाणी की जीत और जेपी का साम्राज्य
17 मार्च को NCLT की इलाहाबाद बेंच ने अदाणी की ₹14535 करोड़ की योजना को मंजूरी दी थी। अदाणी ने इस रेस में वेदांता और डालमिया भारत को पछाड़ा था। उन्हें 89% कर्जदाताओं का समर्थन मिला।
जेपी एसोसिएट्स के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बेशकीमती रियल एस्टेट यानी विशटाउन और स्पोर्ट्स सिटी (JP Associates real estate Noida), यूपी-एमपी में सीमेंट प्लांट और नामी होटल्स का बड़ा साम्राज्य है। जेवर एयरपोर्ट के पास इसकी जमीनों पर सबकी नजर है।
अब आगे क्या हो सकता है?
वेदांता ने पूरी प्रक्रिया को 'अन्यायपूर्ण' और 'अपारदर्शी' बताया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट और NCLAT ने फिलहाल अदाणी की योजना पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया है, लेकिन यह भी साफ किया है कि जेपी एसोसिएट्स का भविष्य अब इस कानूनी अपील के अंतिम फैसले पर टिका है।
फिलहाल अदाणी ग्रुप अधिग्रहण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अनिल अग्रवाल हार मानने को तैयार नहीं हैं।
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