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अदाणी का मास्टरस्ट्रोक! अमेरिकी कंपनी के साथ ज्वाइंट वेंचर का एलान, खर्च होंगे 4754239115000 रुपये

By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Tue, 13 Oct 2026 08:00 PM (IST)

अदाणी एंटरप्राइजेज और जेबिल इंक ने भारत में एआई और डेटा सेंटर उपकरण विनिर्माण के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम हेतु ...और पढ़ें

अदाणी-जेबिल ने एआई डेटा सेंटर विनिर्माण हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

अदाणी-जेबिल ने एआई डेटा सेंटर विनिर्माण हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

HighLights

  1. अदाणी-जेबिल ने एआई डेटा सेंटर विनिर्माण हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

  2. भारत में बढ़ती डेटा सेंटर मांग को पूरा करना मुख्य लक्ष्य।

  3. वैश्विक एआई कंप्यूटिंग बाजार में $3 ट्रिलियन अवसर का लाभ।

आईएएनएस, नई दिल्ली। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) और वैश्विक इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन एवं विनिर्माण कंपनी जेबिल इंक ने मंगलवार को भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर उपकरणों के विनिर्माण एवं असेंबली के लिए प्रस्तावित 50:50 संयुक्त उद्यम स्थापित करने को लेकर एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

यह एमओयू जून 2026 में अदाणी समूह और जेबिल की ओर से भारत में एआई और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करने के लिए रणनीतिक गठबंधन स्थापित करने की घोषणा के बाद हुआ है।

50 अरब डॉलर का है खर्च

इस प्रस्तावित जॉइंट वेंचर (JV) का मकसद भारत में तेजी से बढ़ती डेटा सेंटर की मांग को पूरा करना है। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, 2030 तक इसकी क्षमता 5-8 GW हो जाएगी और डेटा सेंटर, क्लाउड और AI इकोसिस्टम में हाइपरस्केलर का खर्च 50 अरब डॉलर से ज्यादा होगा। कंपनियों का अनुमान है कि अगले सात सालों में ग्लोबल मार्केट का मौका 3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का होगा, क्योंकि AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश लगातार बढ़ रहा है।

क्या बोले गौतम अदाणी?

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, "एआई क्रांति के लिए केवल एल्गोरिदम में बड़ी सफलताओं की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए एक नए औद्योगिक ढांचे की आवश्यकता होगी, जहां ऊर्जा, हाइपरस्केल इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत कंप्यूटिंग और सटीक विनिर्माण का एकीकरण हो, ताकि इंटेलिजेंस इकोनॉमी को गति दी जा सके।"

अरबपति उद्योगपति ने कहा, "अदाणी समूह में हमारा दृष्टिकोण एआई वैल्यू चेन में आगे बढ़ने का है। हम एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को ऊर्जा उपलब्ध कराने और उसकी मेजबानी करने से आगे बढ़कर उन महत्वपूर्ण प्रणालियों की इंजीनियरिंग और विनिर्माण करना चाहते हैं, जो कंप्यूटिंग की अगली पीढ़ी को परिभाषित करेंगी।"

एक बयान के अनुसार, प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के लिए अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर, संबंधित मंजूरियां प्राप्त करना और सामान्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा ।

गौतम अदाणी ने कहा, "जेबिल के साथ हमारा प्रस्तावित संयुक्त उद्यम इस भविष्य की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। इसमें जेबिल की विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं को ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में अदाणी समूह की एकीकृत क्षमताओं के साथ जोड़ा जाएगा। इससे वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था के भौतिक आधारभूत ढांचे को तैयार करने में मदद मिलेगी।"

यह संयुक्त उद्यम भारत में एक विनिर्माण केंद्र उपलब्ध कराएगा, जो घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ निर्यात को भी समर्थन देगा। कंपनियों का अनुमान है कि एआई कंप्यूटिंग में निवेश के चलते अगले सात वर्षों में वैश्विक बाजार में 3 लाख करोड़ डॉलर से अधिक के अवसर पैदा होंगे।

जेबिल इंक. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक डस्टूर ने कहा, "इस एमओयू पर हस्ताक्षर भारत में बड़े पैमाने पर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विनिर्माण प्लेटफॉर्म स्थापित करने के हमारे साझा प्रयासों की दिशा में अगला कदम है। हमारा मानना है कि घरेलू और वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग के लिहाज से भारत का महत्व लगातार बढ़ेगा।"

उन्होंने कहा, "जेबिल के 60 वर्षों के इंजीनियरिंग और विनिर्माण अनुभव को अदाणी समूह की व्यापक इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षमताओं के साथ जोड़कर हम भारत और दुनिया भर में अधिक हाइपरस्केलर्स को अपने रैक-स्तरीय डेटा सेंटर समाधान उपलब्ध करा सकते हैं।"

यह संयुक्त उद्यम अदाणी समूह की 2035 तक 100 अरब डॉलर के निवेश से 5 गीगावाट क्षमता वाले हरित ऊर्जा से संचालित, हाइपरस्केल और एआई के लिए तैयार डेटा सेंटर विकसित करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। प्रस्तावित उद्यम से समूह के इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर कारोबार में हार्डवेयर विनिर्माण भी जुड़ जाएगा।

बयान के अनुसार, संयुक्त उद्यम डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का विनिर्माण एवं असेंबली करेगा। इन रैक एआई एप्लिकेशन और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए उच्च प्रदर्शन वाली कंप्यूटिंग प्रणालियां रखी जाएंगी।

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