2.5 अरब डॉलर, रुपये में 237825023500; अदाणी समूह कर्ज चुकाने के लिए लेने जा रहा विदेशी बैंकों से सबसे बड़ा लोन
अदाणी ग्रुप दो सीमेंट कंपनियों के अधिग्रहण के लिए लिए गए पुराने कर्ज को चुकाने हेतु 2.5 अरब डॉलर का ...और पढ़ें

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सूत्रों ने यह दावा किया है।
HighLights
अदाणी ग्रुप 2.5 अरब डॉलर का लोन जुटाएगा।
दो सीमेंट कंपनियों के अधिग्रहण का कर्ज चुकाएगा।
यह इस साल का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज होगा।
नई दिल्ली। एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी के नेतृत्व वाले अदाणी ग्रुप ने दो सीमेंट कंपनियों को खरीदने के लिए लिए गए लोन को चुकाने के लिए रिफाइनेंस के जरिए ग्लोबल लैंडर्स से 2.5 अरब डॉलर जुटाने की योजना बनाई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में मामले से परिचित सूत्रों ने यह बताया है और कहा है कि यह लोन इस साल भारत का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज होगा। दरअसल इस पैसे का इस्तेमाल उस पुराने कर्ज को चुकाने (रिफाइनेंस) के लिए किया जाएगा, जो ग्रुप ने दो सीमेंट कंपनियों को खरीदने के लिए लिया था। यह इस साल किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा लिया गया सबसे बड़ा विदेशी (ऑफशोर) लोन होगा।
अदाणी परिवार की मॉरीशस-बेस्ड कंपनी 'एंडेवर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड' एक ब्रिज लोन के ज़रिए 1.5 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। इस लोन की अवधि 18 से 24 महीने के बीच होगी। निजी जानकारी पर चर्चा करते हुए अपनी पहचान न बताने की शर्त पर लोगों ने यह बात बताई।
क्या है अदाणी ग्रुप का प्लान
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी विदेशों से जो शुरुआती कर्ज ले रही है, उस पर अमेरिका के मानक रेट (SOFR) से 1.5% ज्यादा ब्याज लगेगा। हालांकि, यह सिर्फ एक अस्थायी व्यवस्था (ब्रिज लोन) है। कुछ समय बाद, कंपनी इस विदेशी कर्ज़ को खत्म करने के लिए भारत में SBI और HDFC बैंक से 'रुपये' में एक नया लोन लेगी।
इसके अलावा, समूह की एक अन्य पारिवारिक स्वामित्व वाली कंपनी, अदानी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड, भारतीय रिज़र्व बैंक की एक्टरनल कमर्शियल बौरोइंग विंडो का उपयोग करते हुए पांच साल के लोन के माध्यम से लगभग 1 बिलियन डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह सुविधा SOFR से लगभग 275 बेसिस प्वाइंट से अधिक पर उपलब्ध हो सकती है।
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भारतीय सेंट्रल बैंक की रियायती विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा, जिसका मकसद कमजोर रुपये को सहारा देना है, विदेशी कर्ज पर हेजिंग की लागत को कम करती है। ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, अगर यह डील पूरी हो जाती है, तो यह इस साल भारत का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी कर्ज होगा; यह अदाणीकॉनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के 1.13 अरब डॉलर के कर्ज से भी बड़ा होगा।
