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HDFC Interest Rate: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती, आपकी EMI कितनी हो जाएगी कम?

Published: Mon, 07 Sep 2026 03:11 PM (GMT+05:30)

HDFC बैंक ने अपनी MCLR दरों में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है, जिससे ग्राहकों की EMI ...और पढ़ें

HDFC Interest Rate: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती, आपकी EMI कितनी हो जाएगी कम?

HDFC Interest Rate: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती, आपकी EMI कितनी हो जाएगी कम?

HighLights

  1. HDFC बैंक ने MCLR में 5-10 बेसिस प्वाइंट की कटौती की।

  2. नई दरें 7 सितंबर 2026 से प्रभावी, EMI में कमी की संभावना।

  3. लोन की रीसेट डेट पर निर्भर करेगा EMI पर असर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप HDFC Bank के ग्राहक हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल बैंक ने सितंबर 2026 के अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बदलाव किया है, जिससे ग्राहकों को कुछ राहत जरूर मिलेगी। ये नई दरें 7 सितंबर 2026 से लागू मानी जाएंगी और इस राहत से आपकी EMI भी कम हो सकती है। आइए जानते हैं कि आपको इससे कितना फायदा मिलेगा।

क्या हुआ बदलाव?

दरअसल एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank Interest Rate) ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट (0.05% से 0.10%) तक की कटौती कर दी है। नई दरें 7 सितंबर से ही लागू मानी जाएंगी। इस बदलाव के बाद बैंक की एमसीएलआर अब 7.90% से 8.60% के बीच आ गई है, जबकि पहले यह 8% से 8.65% तक थी।

किसके लिए कितनी होंगी MCLR दरें:

  • ओवरनाइट (एक रात के लिए): इसे 8% से घटाकर 7.90% कर दिया गया है।
  • 1 महीना: ये भी 8% से घटकर अब 7.90% रह गई है।
  • 3 महीने: इस अवधि की दर 8.15% से कम होकर 8.05% हो गई है।
  • 6 महीने: इसे 8.30% से घटाकर 8.25% कर दिया गया है।
  • 1 साल: होम लोन के लिए सबसे अहम मानी जाने वाली 1 साल की एमसीएलआर 8.40% के बजाय अब 8.35% होगी।
  • 2 साल: इस अवधि में सबसे बड़ी कटौती देखने को मिली है, जहां दर 8.55% से घटकर सीधे 8.45% पर आ गई है।
  • 3 साल: इसे 8.65% से घटाकर 8.60% कर दिया गया है।

MCLR क्या होता है?

सरल भाषा में कहें तो एमसीएलआर वो न्यूनतम ब्याज दर है, जिसके नीचे बैंक आम तौर पर किसी को लोन नहीं दे सकते हैं। आरबीआई ने 2016 में इस व्यवस्था को लागू किया था। हालांकि, किसी ग्राहक की असली लोन ब्याज दर सिर्फ एमसीएलआर पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसमें बैंक स्प्रेड, लोन का टाइप और ग्राहक के क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करता है।

EMI पर क्या पड़ेगा असर?

क्योंकि एमसीएलआर न्यूनतम ब्याज दर होता है। इसलिए इसके घटने से लोन पर ब्याज भी कम हो जाता है और ईएमआई पर भी असर दिखने लगता है। लेकिन इसका असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। हर लोन की एक रिसेट डेट होती है, जो 6 महीने या 1 साल में आ सकती है। जब आपके लोन की अगली रीसेट डेट आएगी, तब बैंक आपकी नई और कम हुई एमसीएलआर दरों के हिसाब से ईएमआई तय करेगा। मालूम हो कि इसका फायदा भी उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिनका लोन MCLR-Linked होगा।

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