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L&T के हाथ लगा ₹5000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, देश की सबसे बड़ी तेल-गैस कंपनी के लिए यहां करेगी काम

Published: Wed, 09 Sep 2026 02:13 PM (IST)Updated: Wed, 09 Sep 2026 05:33 PM (IST)

ONGC L&T mega deal: ओएनजीसी ने भारत के पश्चिमी तट पर समुद्री तेल खदानों के कायाकल्प के लिए L&T को ...और पढ़ें

80 साल पुरानी कंपनी पर महारत्न ONGC का बड़ा दांव, दिया ₹5000 करोड़ का महा-ऑर्डर; समंदर में तेल खदानों की बदलेगी तस्वीर

80 साल पुरानी कंपनी पर महारत्न ONGC का बड़ा दांव, दिया ₹5000 करोड़ का महा-ऑर्डर; समंदर में तेल खदानों की बदलेगी तस्वीर

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी (ONGC) ने समंदर की गहराइयों में विस्तार करने की बड़ी तैयारी कर ली है। महारत्न कंपनी ने भारत के पश्चिमी तट पर समुद्री तेल खदानों का कायाकल्प करने के लिए 80 साल पुरानी दिग्गज इंजीनियरिंग फर्म लार्सन एंड टूब्रो (ONGC L&T mega deal) पर बड़ा दांव खेला है। ONGC ने L&T को 5,000 करोड़ रुपए का एक महा-ऑर्डर सौंपा है।

इस मेगा डील की खबर बाहर आते ही शेयर बाजार में भी हलचल मच गई और L&T के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सवाल है कि आखिर इस 5000 करोड़ के भारी-भरकम प्रोजेक्ट (रत्ना-I और NLM-14) के जरिए समंदर के भीतर ऐसा क्या नया बनने जा रहा है, जो देश के ऊर्जा सेक्टर की सूरत बदल कर रख देगा? आइए समझते हैं इस महा-डील से जुड़ी पूरी इनसाइड स्टोरी।

समंदर में क्या काम करेगी एलएंडटी?

इस प्रोजेक्ट के तहत L&T नई समुद्री संरचनाओं की इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग (EPCIC) का पूरा जिम्मा संभालेगी। काम के दायरे में तीन नए वेल-हेड प्लेटफॉर्म, एक राइजर प्लेटफॉर्म, समंदर के भीतर पाइपलाइन और केबल का नेटवर्क बिछाना शामिल है। इसके अलावा, पहले से मौजूद समुद्री ढांचों में जरूरी बदलाव और आधुनिकीकरण यानी ब्राउनफील्ड मॉडिफिकेशन भी किया जाएगा।

इस बड़े सौदे की खबर का सीधा असर शेयर बाजार पर दिखा। बीएसई (NSE) पर सुबह करीब 9.30 बजे L&T का शेयर 4019 रुपए पर ट्रेड करने लगा। वहीं दोपहर 2 बजे तक यह 0.59% यानी 23 रुपए की तेजी के साथ 3,969 रुपए पर कारोबार (l&t infra share price) करता दिखा।

ऑर्डर मिलने पर क्या बोली कंपनी?

L&T एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑफशोर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड, पार्थसारथी चटर्जी ने कहा कि,

ADR-I और NLM-14 प्रोजेक्ट भारत के समुद्री ऊर्जा बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा कदम हैं। यह साबित करता है कि मौजूदा तेल संपत्तियों से उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है।"

उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में नई सुविधाओं को पुरानी चालू फील्ड्स के साथ जोड़ना होगा, जिसमें शानदार और सटीक इंजीनियरिंग की जरूरत होगी।

पश्चिमी बेसिन में विस्तार कर रही ONGC

यह ऑर्डर ऐसे समय में मिला है जब ओएनजीसी पश्चिमी बेसिन में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने पुराने समुद्री तेल क्षेत्रों से उत्पादन को बनाए रखना और इसे और बढ़ाना है।

वहीं, L&T के पास भी पिछले चार दशकों का तगड़ा अनुभव है, जिसमें कंपनी फिक्स्ड प्लेटफॉर्म, सबसी यानी समुद्र के अंदर पाइपलाइन, ब्राउनफील्ड अपग्रेड और डीकमीशनिंग जैसे कई चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है।

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