वेदांता वाले अनिल अग्रवाल की अदाणी-अंबानी को खुली चुनौती, 'जो काबिल होगा, वही टिकेगा'; एल्युमिनियम बाजार में सीधी टक्कर!
Vedanta Anil Agarwal challenge: भारत के एल्युमिनियम बाजार में गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी की एंट्री से बड़ी प्रतिस्पर्धा शुरू ...और पढ़ें
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'जो काबिल होगा, वही टिकेगा', एल्युमिनियम बाजार में अदाणी-अंबानी vs वेदांता की महाजंग, अनिल अग्रवाल ने भी दे डाली खुली चुनौती!

समय कम है?
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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत के एल्युमिनियम बाजार में जल्द ही एक बड़ा कारोबारी घमासान देखने को मिल सकता है। दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी (Adani Ambani aluminum entry) इस सेक्टर में उतर सकते हैं। बाजार में इसकी चर्चा भी तेज हो गई है। लेकिन, इस बाजार के पुराने महारथी और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इससे बिल्कुल भी घबराए नहीं हैं। उन्होंने नए प्रतिद्वंद्वियों को एक तरह से खुली चुनौती (Vedanta Anil Agarwal challenge) देते हुए साफ कह दिया है कि मार्केट में 'जो काबिल होगा, वही टिकेगा।'
अदाणी-अंबानी की एंट्री अनिल अग्रवाल की दो टूक!
फाइनेंशियल एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में अनिल अग्रवाल ने अदाणी और रिलायंस की एंट्री को लेकर पूछे गए सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा,
"हम कॉम्पिटिशन का स्वागत करते हैं। कॉम्पिटिशन आपको और ज्यादा एफिशिएंट यानी बेहतर और तेज बनाता है।"
अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल घरेलू बाजार में तीन ही बड़े खिलाड़ी हैं- वेदांता, हिंडाल्को और नाल्को। अभी इस सेक्टर के 90% हिस्से पर सिर्फ वेदांता और हिंडाल्को का ही कब्जा है। लेकिन बड़े बिजनेस घरानों यानी अंबानी-अदाणी के आने से मुकाबला कड़ा होगा। अग्रवाल ने दो टूक शब्दों में कहा,
"अंत में जो सबसे ज्यादा एफिशिएंट होगा, वही बाजार में सर्वाइव करेगा।" उन्होंने यह भी इशारा किया कि भविष्य में इस सेक्टर में कंपनियों के बीच विलय (Mergers) का दौर भी देखने को मिल सकता है।
क्या है अदाणी और अंबानी का मास्टरप्लान?
अदाणी एंटरप्राइजेज ने यूएई की कंपनी इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग के साथ मिलकर ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर के एक बड़े इंटीग्रेटेड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट (gautam adanidani aluminum plant) का ऐलान किया है। वहीं, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (mukesh ambani aluminum plant) ने भी ओडिशा के कर्लापट बॉक्साइट ब्लॉक के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदकर इस जंग में शामिल होने के साफ संकेत दे दिए हैं।
वेदांता का 25 अरब डॉलर का मेगा प्लान
नए खिलाड़ियों के आने की खबरों के बीच वेदांता ने भी अपनी पूरी कमर कस ली है। अनिल अग्रवाल ने स्पष्ट किया,
"हमारा अपना प्लान तैयार है। हम तेजी से अपनी कैपेसिटी बढ़ा रहे हैं।" वेदांता का लक्ष्य अगले तीन सालों में अपनी एल्युमिनियम कैपेसिटी 6 मिलियन टन और लंबे समय में 10 मिलियन टन तक पहुंचाने का है।
वेदांता अगले 3 से 5 सालों में अपने अलग-अलग बिजनेस में 25 अरब डॉलर (करीब 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है। इसका फोकस एल्युमिनियम, तेल-गैस, जिंक, स्टील और पावर सेक्टर पर होगा। अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि अगले तीन सालों में उनकी पैरेंट कंपनी पूरी तरह से कर्जमुक्त (Zero Net Debt) हो जाएगी।
सेमीकंडक्टर से तौबा, पावर और ऑयल पर फोकस
तेल और गैस प्रोडक्शन को 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक ले जाने के लिए 4 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। पावर जेनरेशन को भी मौजूदा 4,000 मेगावाट से बढ़ाकर 12,000 मेगावाट किया जाएगा। वेदांता की नजर अब न्यूक्लियर पावर और क्रिटिकल मिनरल्स पर भी है।
हालांकि, सेमीकंडक्टर बिजनेस को लेकर अनिल अग्रवाल ने साफ किया कि फिलहाल कंपनी का ऐसा कोई प्लान नहीं है। फॉक्सकॉन के साथ पार्टनरशिप टूटने के बाद कंपनी अब अपने मौजूदा बिजनेस को ही आगे बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
यानी कम शब्दों में कहें तो अनिल अग्रवाल का संदेश एकदम साफ है- बाजार में चाहे कोई भी दिग्गज उतरे, वेदांता डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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