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8th Pay Commission: महंगाई भत्ता 3% बढ़कर 63% हुआ, अब आठवें वेतन आयोग में होगा मर्ज?

Published: Wed, 28 Oct 2026 06:04 PM (IST)

DA Hike and DA Merger News: केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़कर 63% हो गया है, जिससे 49 लाख ...और पढ़ें

आठवें वेतन आयोग में डीए मर्जर की मांग तेज, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 63% हुआ

आठवें वेतन आयोग में डीए मर्जर की मांग तेज, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 63% हुआ

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| 8th Pay Commission DA Merger: केंद्रीय कर्मचारियों को दीवाली से 10 दिन पहले गुड न्यूज मिल गई। केंद्र सरकार ने बुधवार, 28 अक्टूबर को महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3% की बढ़ोतरी (DA Hike 2026) कर दी। जिसके बाद सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो गया।

बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएंगी। सरकार के इस फैसले से देश के करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ होगा।

छठें और पांचवें वेतन आयोग वालों का DA कितना?

छठे वेतन आयोग के दायरे में आने वालों का डीए 262% से बढ़कर 269% (+7%) और पांचवें वेतन आयोग के तहत 483% से बढ़कर 497% (+14%) हो गया है। इस पूरी डीए बढ़ोतरी पर सरकार 10,016 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

बेसिक सैलरी में कब मर्ज होगा डीए?

अब सवाल है डीए तो बढ़ गया, लेकिन बेसिक सैलरी में डीए मर्ज कब होगा? इसे लेकर नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के कार्यकारी अध्यक्ष बीसी शर्मा (BC Sharma) ने बताया कि जब महंगाई भत्ता (DA) 50% तक पहुंच जाता है, तो उसे बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता है।

इसके साथ ही तमाम अलाउंस (जैसे HRA) भी 25% तक बढ़ जाते हैं। पिछले वेतन आयोगों में भी DA को मर्ज करने के बाद ही नया मल्टीप्लायर फैक्टर तय किया गया था। सरकार आठवें वेतन आयोग में इसे हर हाल में लागू करेगी। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उन्हें नया फिटमेंट फैक्टर और भी ज्यादा देना पड़ सकता है।

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डीए मर्जर का क्या है फॉर्मूला?

बेसिक सैलरी में महंगाई भत्ते (DA) को मर्ज करने का गणितीय फॉर्मूला काफी सरल है।

नया बेसिक वेतन = मौजूदा बेसिक वेतन + (मौजूदा बेसिक वेतन × DA प्रतिशत)

इसे उदाहरण से समझते हैं- 

अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹30,000 है और DA 50% है, तो:

DA की रकम: ₹30,000 का 50% = ₹15,000

मर्ज होने के बाद नया बेसिक: ₹30,000 (बेसिक) + ₹15,000 (DA Merger) = ₹45,000

फिर इसके बाद बेसिक सैलरी में डीए जोड़कर दिया जाता है। 

मान लीजिए कि अगर आठवें वेतन आयोग डीए मर्ज कर दिया जाता है तो उसके बाद डीए 13% बचेगा। जो फिर हर 6 महीने में बढ़ता रहेगा।

सातवें वेतन आयोग के मौजूदा नियम

ऑटोमैटिक मर्जर नहीं: पांचवें वेतन आयोग में यह नियम था कि DA 50% तक पहुंचने पर उसे बेसिक पे में मर्ज कर डियरनेस पे (Dearness Pay) बना दिया जाता था। लेकिन सातवें वेतन आयोग में यह नियम खत्म कर दिया गया है।

अब क्या होता है: मौजूदा नियमों के तहत DA 50% या उससे ज्यादा होने पर भी इसे बेसिक सैलरी में मर्ज नहीं किया जाता। इसके बजाय, HRA, बच्चों की शिक्षा भत्ता (CEA), हॉस्टल सब्सिडी और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में अपने आप बढ़ोतरी (आमतौर पर 25%) हो जाती है।

बेसिक कब बढ़ेगा: जैसे ही आठवां वेतन आयोग लागू होगा, पिछला जितना भी डीए होगा, वह बेसिक में मर्ज होकर एक 'न्यू बेसिक' बनाएगा। इससे भविष्य में मिलने वाले एचआरए और ग्रेच्युटी की गणना बड़े आधार पर होगी, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि में लाखों का इजाफा होगा।

डीए मर्जर की उठी मांग

महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने सरकार के सामने अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि, आगामी आठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों को बेहतरीन फिटमेंट फैक्टर दिया जाए और डीए को बेसिक वेतन में मर्ज कर दिया जाए, ताकि कर्मचारियों को इसका स्थायी और बड़ा लाभ मिल सके।

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