सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट, एक साल पूरा होने पर 2 घंटे चली हाई लेवल मीटिंग; रंजना प्रकाश देसाई से क्या हुई बात?

Published: Mon, 02 Nov 2026 06:10 PM (IST)

8th Pay Commission Latest News: आठवें वेतन आयोग के गठन के एक साल बाद, ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने ...और पढ़ें

AIRF का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आठवें वेतन आयोग के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचा।

AIRF का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आठवें वेतन आयोग के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचा।

HighLights

  1. AIRF ने आठवें वेतन आयोग से दो घंटे की बैठक की।

  2. रेलवे कर्मचारियों के लिए रिस्क और हार्डशिप अलाउंस की मांग।

  3. अद्वितीय कार्य परिस्थितियों, महिला कर्मचारियों के मुद्दों पर भी चर्चा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और इसके टर्म ऑफ रेफरेंस को जारी हुए एक साल पूरा हो चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग अपनी फाइनल रिपोर्ट कब सौंपेगा, क्योंकि तय समय के अनुसार यह रिपोर्ट 18 महीने में सरकार को सौंपी जानी है।

देश भर के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, आठवें वेतन आयोग की तरफ से जमीनी स्तर पर विभिन्न विभागों और संगठनों के साथ बैठकों का दौर तेजी से चल रहा है।

इसी सिलसिले में देश के सबसे बड़े रेलवे कर्मचारी संगठन ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने आठवें वेतन आयोग के साथ एक बेहद अहम और हाई-लेवल मीटिंग की है, जिसमें कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और कठिन कामकाजी परिस्थितियों को सुधारने के लिए जोरदार और मजबूत दावेदारी पेश की गई है।

दो घंटे तक चली हाई लेवल मीटिंग

AIRF का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आठवें वेतन आयोग के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचा। यह बैठक आयोग की अध्यक्ष, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देशाई, सदस्य प्रो. पुलक घोष और सदस्य-सचिव पंकज जैन की मौजूदगी में हुई। लगभग दो घंटे तक चली इस लंबी और महत्वपूर्ण बैठक में रेलवे कर्मचारियों की अनूठी कार्यशैली, सुरक्षा के मुद्दों और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

दूसरे विभागों से अलग है रेलवे का काम

बैठक की शुरुआत में AIRF के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने आयोग के सामने यह बात जोर देकर रखी कि भारतीय रेलवे का कामकाज केंद्र सरकार के किसी भी अन्य विभाग से बिल्कुल अलग और अनूठा है।

रेलवे कर्मचारी साल के 365 दिन और 24 घंटे, यानी सातों दिन चौबीसों घंटे बिना रुके देश की सेवा में लगे रहते हैं। चाहे कड़ाके की ठंड हो, चिलचिलाती धूप हो या भारी बारिश, वे हर मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में मुस्तैद रहते हैं।"

देश में जब भी कोई प्राकृतिक आपदा, महामारी या युद्ध जैसे हालात पैदा होते हैं, तो रेलवे और उसके कर्मचारी सबसे आगे आकर देश की दूसरी रक्षा पंक्ति (Second Line of Defence) की भूमिका निभाते हैं। संगठन ने आयोग को बताया कि रेलवे में लगातार आधुनिकीकरण हो रहा है और यहां काम करने वाला हर कर्मचारी स्किल्ड है, जो भारी-भरकम एसेट्स का रखरखाव और संचालन करता है। इसलिए वे उच्च वेतनमान के पूरे हकदार हैं।

रिस्क और हार्डशिप अलाउंस की मांग

फेडरेशन ने आयोग के सामने इस कड़वी सच्चाई को रखा कि ड्यूटी के दौरान कई बार रेलवे कर्मचारियों को गंभीर दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है और कई कर्मचारियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए, AIRF ने मांग की है कि रेलवे के प्रत्येक श्रेणी के कर्मचारियों को रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस (Risk & Hardship Allowance), खतरनाक ड्यूटी भत्ता, हिल अलाउंस और ड्रेस अलाउंस जैसे विशेष भत्ते मिलने चाहिए।

विभिन्न श्रेणियों की प्रमुख मांगें

लोको और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ: बैठक में लोको पायलट और ट्रैफिक रनिंग स्टाफ के काम के बेहद कठिन और लंबे घंटों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को प्रमुखता से उठाया गया।

ट्रैक मेंटेनर और पीडब्ल्यू स्टाफ: ट्रैक मेंटेनर्स के काम को बेहद जोखिमभरा और कड़ा बताते हुए मांग की गई कि उनकी तकनीकी दक्षता को देखते हुए उन्हें अन्य इंजीनियरिंग विभागों के तकनीशियनों के समान दर्जा दिया जाए। इसके अलावा गेटमैन, की-मैन और पेट्रोलमैन के लिए विशेष भत्ते तय करने की मांग भी पुरजोर तरीके से रखी गई।

टेक्नीशियन वर्ग: रेलवे के सभी इंजीनियरिंग डिसिप्लिन के तकनीशियनों के लिए बेहतर पे-स्केल की मांग की गई। साथ ही, करियर में पदोन्नति के अवसरों को आसान बनाने के लिए बीच के कुछ वेतनमानों को आपस में मिलाने (Merger) का सुझाव दिया गया।

महिला कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा

इस बैठक का एक खास पहलू यह रहा कि इसमें महिला कर्मचारियों के मुद्दों को भी मजबूती से उठाया गया। महिला प्रतिनिधियों ने महिला लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और ट्रैक मेंटेनर्स को ड्यूटी के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में आयोग को बताया।

बताया जा रहा है कि आयोग की अध्यक्ष ने इन सभी बातों को बेहद गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख दिखाया।

बैठक के बाद AIRF ने इसे बेहद सफल करार दिया है। संगठन को पूरी उम्मीद है कि आठवां वेतन आयोग रेलवे कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सुविधाओं का निर्धारण करते समय इन सभी महत्वपूर्ण और जायज मांगों को अपनी रिपोर्ट में जरूर शामिल करेगा।

यह भी पढ़ें- DA Hike 2026: सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, अक्टूबर की सैलरी के साथ आएगा बढ़ा डीए; आदेश 1 जनवरी से लागू

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।