राजधानी एक्सप्रेस को टक्कर देने आ रही 24 कोच वाली वंदे भारत, पैंट्री कार से लेकर लग्जरी सुविधाओं तक होंगे बड़े बदलाव
भारतीय रेलवे 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लाने की तैयारी में है, जो राजधानी एक्सप्रेस को टक्कर देगी। ...और पढ़ें

राजधानी एक्सप्रेस को टक्कर देने आ रही 24 कोच वाली वंदे भारत
HighLights
24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का नया वर्जन।
पैंट्री कार, बेहतर इंटीरियर और अधिक शौचालय की सुविधा।
जून 2027 तक प्रोटोटाइप लॉन्च करने का लक्ष्य।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: भारतीय रेलवे (Indian railway) लंबी दूरी की रात का यात्रा को ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक बनाने की तैयारी कर रहा है। 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बाद अब रेलवे 24 कोच वाले नए वर्जन पर काम कर रहा है। इस ट्रेन में यात्रियों के लिए ज्यादा जगह, बेहतर इंटीरियर और पैंट्री कार जैसी सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे की योजना इस ट्रेन को मौजूदा वंदे भारत स्लीपर के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक बनाने की है। इसमें कई ऐसी सुविधाएं होंगी, जो इसे राजधानी एक्सप्रेस के मुकाबले भी खास बना सकती हैं।
कब तैयार होगा नया वर्जन?
रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को 24 कोच वाली 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, नई ट्रेन का डिजाइन तैयार करने का काम चल रहा है और इसे करीब एक महीने में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके प्रोटोटाइप को तैयार करने का लक्ष्य 2027 की पहली छमाही रखा गया है, जबकि जून 2027 तक इसे पेश करने की योजना है।
24 कोच वाली ट्रेन मौजूदा वंदे भारत (Vande bharat) स्लीपर के डिजाइन पर आधारित होगी, लेकिन इसमें कुछ अहम बदलाव किए जाएंगे। सबसे बड़ा बदलाव पैंट्री (pantry) कार का जुड़ना है। इससे लंबी यात्रा के दौरान ट्रेन में ही खाना गर्म करने और यात्रियों को परोसने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, ट्रेन में टॉयलेट (train toilet) की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंटीरियर (train interior) में भी सुधार किया जा रहा है।
200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाने की तैयारी
रेलवे आने वाले वर्षों में 200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए अलग-अलग कंपनियों और फैक्ट्रियों को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।
* BEML और ICF: दोनों मिलकर 10 स्लीपर ट्रेनसेट तैयार कर रहे हैं।
* किनेट (Kinet): भारत-रूस का संयुक्त उद्यम 120 ट्रेनसेट बनाने का काम करेगा।
* टिटागढ़ और BHEL: इनकी साझेदारी में 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाई जाएंगी।
* ICF: अपनी अलग स्लीपर ट्रेन विकसित करने की तैयारी भी कर रही है।
इस तरह रेलवे लंबी दूरी की ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने के साथ यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।
नई ट्रेन की प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार होंगी:
- ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया गया है। परीक्षण के दौरान इसकी गति 180 किमी प्रति घंटे तक रखी जा सकती है। हालांकि, रेलवे के ज्यादातर ट्रैक पर इतनी तेज रफ्तार से ट्रेन चलाने की क्षमता अभी उपलब्ध नहीं है।
- यूरोपीय ट्रेनों से प्रेरित होकर बर्थ को ज्यादा आरामदायक बनाने की योजना है। ऊपरी बर्थ पर चढ़ने-उतरने की व्यवस्था भी पहले से बेहतर होगी।
- रात में सफर के लिए खास लाइटिंग, घोषणाओं के साथ विजुअल डिस्प्ले और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे होंगे।
- ट्रेन में बायो-वैक्यूम टॉयलेट मिलेंगे। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष टॉयलेट और बेबी केयर स्टेशन की सुविधा भी होगी।
- AC फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन में स्वदेशी कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम होगा, जो रेल दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद करता है। ऊर्जा की बचत के लिए रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक भी इस्तेमाल की जाएगी।
- कोच के बीच आने-जाने के लिए ऑटोमैटिक इंटरकनेक्टिंग दरवाजे होंगे। पूरी तरह सील गैंगवे से कोच के अंदर साफ हवा और तापमान बनाए रखने में मदद मिलेगी। ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम होगा। जरूरत पड़ने पर यात्री इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम के जरिए लोको पायलट से संपर्क कर सकेंगे।
राजधानी एक्सप्रेस के मुकाबले क्या होगा खास?
राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani express) लंबे समय से लंबी दूरी की प्रीमियम रेल यात्रा के लिए जानी जाती है। वंदे भारत स्लीपर को भी इसी तरह रात के सफर के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें आधुनिक बर्थ, बेहतर इंटीरियर, सुरक्षा तकनीक और आराम से जुड़ी कई सुविधाएं दी जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 24 कोच वाली ट्रेन का डिजाइन अभी तैयार किया जा रहा है। इसलिए जून 2027 की समयसीमा फिलहाल लक्ष्य है।
