नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। NCR का Real Estate घर खरीदारों की खरीदारी से चमक गया है। प्रॉपर्टी सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया ने रिपोर्ट “इंडिया रियल एस्टेट जनवरी-जून 2021” – जो भारत के शीर्ष 8 बाज़ारों में आवासीय परिसंपत्ति वर्गों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, में कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में साल 2020 की पहली छमाही के 5,446 यूनिट की तुलना में साल 2021 की पहली छमाही में 11,474 यूनिट के साथ घरों की बिक्री करीब दोगुनी (111% बढ़ोतरी) हुई है। इसके साथ ही नए आवासीय घर लॉन्च करने के मामले में भी साल 2020 की पहली छमाही की तुलना में साल 2021 की पहली छमाही में 2,943 यूनिट के साथ दोगुना बढ़ोतरी (107% वृद्धि) दर्ज की गई है।

एनसीआर में घरों की बिक्री में पुनरुत्थान दिखाई देना शुरू हुआ, विशेष रूप से 2020 की पहली तिमाही और 2020 चौथी तिमाही के दौरान। एक ऐसा ट्रेंड जो 2021 की पहली तिमाही में भी जारी रहा। डेवलपर्स द्वारा कम ब्याज दरों के साथ भुगतान विकल्पों में लचीलापन और घरों की स्थिर कीमतें जैसी प्रोत्साहन योजनाओं ने एक ऐसा वातावरण बनाया जिसने घर खरीदने वालों की भावनाओं में नई जान फूंकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कीमत मूल्य आधारित सेगमेंट के हिसाब से साल 2021 की पहली छमाही के दौरान 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा मूल्य के घरों की बिक्री का वॉल्यूम सबसे ज़्यादा रहा। इस अवधि के दौरान ऊंची कीमत वाले सेगमेंट को इसका सबसे ज़्यादा लाभ मिला और कुल घरों की बिक्री की हिस्सेदारी साल 2020 की पहली छमाही के 28% की तुलना में 39% दर्ज की गई। एनसीआर में की गई कुल घरों की बिक्री में 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों का प्रतिशत 36% रहा और इसमें साल दर साल के हिसाब से गिरावट दर्ज की गई जैसा कि साल 2020 की पहली छमाही में इसका अनुपात कुल बिक्री का 41% था। इसके साथ ही 50 लाख रुपये और 1 करोड़ रुपये के बीच की कीमत वाले घरों की बिक्री का हिस्सा भी साल 2021 की पहली छमाही में घटकर 25% हो गया, जो साल 2020 की पहली छमाही में 31% था।

लघु-बाजारों के प्रदर्शन के संदर्भ में, गुरुग्राम में नए घरों की बिक्री में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी साल 2020 की पहली छमाही में 27% से बढ़कर 2021 की पहली छमाही में 32% हो गई। अगस्त 2022 तक द्वारका एक्सप्रेसवे का काम तेज़ी से पूरा करने की हाल ही में की गई घोषणा से इस क्षेत्र में किफायती और मिड-सेगमेंट घरों के लिए खरीदारों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। एनसीआर में कुल बिक्री वॉल्यूम के मामले में 34% हिस्सेदारी के साथ ग्रेटर नोएडा में स्थिरता बनी रही। वहीं कुल घरों की बिक्री के मामले में नोएडा की हिस्सेदारी में गिरावट देखी गई, जो साल 2020 की पहली छमाही 18% से घटकर 2021 की पहली छमाही में 15% हो गई। हालांकि, वॉल्यूम के मामले में नोएडा में घरों की बिक्री में साल दर साल अच्छी बढ़ोतरी देखी गई।

साल 2021 की पहली छमाही में एनसीआर में घरों के लॉन्च में 107% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जो मुख्य रुप से लोअर बेस इफेक्ट के कारण थी। गुरुग्राम और नोएडा के लघु बाज़ारों में नए घर लॉन्च किए जाने की हिस्सेदारी के मामले में गिरावट दर्ज की गई, जो साल 2020 की पहली छमाही में क्रमश: 58% और 32% थी, वो साल 2021 की पहली छमाही में गिरकर क्रमश: 31% और 28% रही। जबकि गाज़ियाबाद में नए घरों को लॉन्च किए जाने की हिस्सेदारी के मामले में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई और यह 2020 की पहली छमाही की 10% की तुलना में साल 2021 की पहली छमाही में यह बढ़कर 17% हो गई।

नाइट फ्रैंक इंडिया एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर-नॉर्थ मुदस्सीर ज़ैदी ने कहा कि दिल्ली एनसीआर के रेजिडेंशियल मार्केट को महामारी की पहली लहर के दुष्परिणामों का प्रभाव झेलना पड़ा था क्योंकि सब जगह अनिश्चितता छाई हुई थी। साल 2020 की तीसरी और चौथी तिमाही के दौरान सेगमेंट के प्रदर्शन में संक्रमण की पहली लहर से दबी हुई मंदी प्रदर्शित हो रही थी। 2020 की तीसरी और चौथी तिमाही की बिक्री से उपलब्ध हुई तरलता के कारण डेवलपर्स दूसरी लहर के संकट के दौरान सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में थे।