पश्चिम चंपारण में 150 से अधिक जमीन के दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल से गायब, रजिस्ट्री और सत्यापन में बढ़ सकती परेशानी
बेतिया, पश्चिम चंपारण में 2006-2024 के 150 से अधिक भू-दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे भू-स्वामियों को परेशानी ...और पढ़ें

जिला अवर निबंधन कार्यालय । जागरण
HighLights
पश्चिम चंपारण में 150 से अधिक भू-दस्तावेज ऑनलाइन नहीं।
भू-स्वामियों को सत्यापन के लिए कार्यालय बुलाया जा रहा है।
जिला अवर निबंधन कार्यालय ने रिकॉर्ड दुरुस्त करने की पहल की।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बिहार में पश्चिम चंपारण जिले में जमीन से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन देखने वाले भू स्वामियों के लिए परेशानी उत्पन्न हो गई है। जिले के 150 से अधिक भू दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं।
इनमें वर्ष 2006 से 2024 के बीच के कुछ मौजों के भू दस्तावेज शामिल हैं। दस्तावेजों के ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होने के कारण संबंधित जमीन मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
खासकर जमीन की खरीद-बिक्री, स्वामित्व की पुष्टि और अन्य आवश्यक कार्यों के दौरान इन अभिलेखों की जरूरत पड़ सकती है। इस समस्या को दूर करने के लिए जिला अवर निबंधन कार्यालय की ओर से पहल शुरू की गई है।
ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने वाले भू दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी संबंधित लोगों को भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इसके साथ ही संबंधित भू स्वामियों से अपने मूल दस्तावेज के आधार पर उपलब्ध कराए गए अभिलेखों का सत्यापन कराने की अपील की गई है।
जिला अवर निबंधन पदाधिकारी गिरिश चंद्र के अनुसार, वर्ष 2006 से 2024 के बीच कुछ मौजों के भू दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। इन दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है, ताकि भू स्वामियों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
इसके लिए संबंधित मौजों के भू स्वामी अपना मूल अभिलेख लेकर जिला अवर निबंधन कार्यालय पहुंच सकते हैं। कार्यालय की ओर से भेजे गए भू दस्तावेजों का अपने मूल अभिलेख से मिलान कराना होगा।
यदि दस्तावेजों में किसी तरह की त्रुटि या कमी मिलती है तो इसकी जानकारी भी जिला अवर निबंधन कार्यालय को देनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि मौजावार अभिलेखों का सत्यापन होने से ऑनलाइन रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और छूटे हुए दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने में मदद मिलेगी।
इस पहल का उद्देश्य जिले के सभी संबंधित भू अभिलेखों को डिजिटल रूप से उपलब्ध कराना है ताकि आम लोगों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़े।
भू स्वामी इन बातों का रखें ध्यान
- जिन भू स्वामियों के दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं, वे जिला अवर निबंधन कार्यालय से संपर्क करें।
- अपने जमीन के मूल दस्तावेज साथ लेकर कार्यालय पहुंचें।
- कार्यालय से भेजे गए भू दस्तावेजों का मूल अभिलेख से मिलान कराएं।
- मौजावार अपने अभिलेखों का सत्यापन करा सकते हैं।
- दस्तावेजों में कोई अंतर या त्रुटि मिलने पर इसकी सूचना जिला अवर निबंधन कार्यालय को दें।
- सत्यापन के बाद छूटे हुए दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया में मदद मिलेगी।
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