यूपी-बिहार बॉर्डर पर केले के खेत में छिपा गैंडा, रेस्क्यू के लिए पटना से बगहा आई टीम
यूपी-बिहार सीमा पर एक गैंडा केले के खेत में छिपा मिला है, जिसके रेस्क्यू के लिए पटना से विशेषज्ञों की ...और पढ़ें

गोबरहिया में गेंडा के रेस्क्यू करने पहुची वनविभाग की टीम। जागरण
HighLights
गैंडा यूपी-बिहार सीमा पर केले के खेत में छिपा मिला।
पटना से विशेषज्ञों की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची।
सुरक्षित बेहोश कर प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने की तैयारी।
संवाद सूत्र, पिपरासी/मधुबनी (पश्चिम चंपारण)। कभी दियारा में तो कभी सरेह में चहलकदमी करता दिखा गैंडा अब यूपी-बिहार सीमा के पास केले के खेत में छिपा है। उसे देखने के लिए आसपास के गांवों से लोगों की भीड़ जुट रही है।
वन विभाग के सामने गैंडे को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने की चुनौती है। इसके लिए पटना से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। स्थानीय वनकर्मी सुबह से ही उसकी निगरानी और ट्रैकिंग में जुटे हैं।
हाइड्रा मशीन और पिंजरे के साथ पहुंची टीम
धनहा थाना क्षेत्र के गोबरहिया में गैंडे के रेस्क्यू के लिए पटना और स्थानीय वन विभाग की टीम पहुंची है। डीएफओ विकास अहलावत के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर हाइड्रा मशीन, अर्थ मूवर, पिंजरा और ट्रक सहित जरूरी संसाधन जुटाए गए हैं। करीब दो दर्जन वनकर्मी अभियान में लगे हैं। ट्रैकिंग करते हुए टीम गैंडे के करीब पहुंच चुकी है।
बेहोश कर सुरक्षित पकड़ने की तैयारी
पटना चिड़ियाघर के चिकित्सक रोहित कुमार और उत्तर प्रदेश के चिकित्सक विकास कुमार भी मौके पर पहुंचे हैं। गैंडे को ट्रैंकुलाइजर गन से बेहोश करने के लिए चिकित्सकों की सलाह ली जा रही है। रेस्क्यू के दौरान उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। गैंडे को देखने के लिए उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धनहा पुलिस की तैनाती की गई है।
दो जगहों से होते हुए गोबरहिया पहुंचा
बताया जाता है कि बीते सप्ताह गैंडा पिपरासी थाना क्षेत्र के दियारा स्थित ओझवलिया में दिखाई दिया था। वहां से करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर वह पिपरासी के भगड़वा स्थित लक्षनही सरेह पहुंचा। इसके बाद लगभग 10 किलोमीटर और आगे बढ़कर मधुबनी प्रखंड के गोबरहिया में नजर आया। बांसी नदी के पास कोटियहवा क्षेत्र के केले के खेत में उसके छिपे होने की सूचना है।
कई वन अधिकारी मौके पर मौजूद
बगहा वन क्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालाकार ने बताया कि गैंडे की चहलकदमी की सूचना मिलने के बाद पटना और मदनपुर वन क्षेत्र की टीम को रेस्क्यू के लिए लगाया गया है। मदनपुर रेंजर नदीम अहमद और वाल्मीकिनगर रेंजर विजय कुमार सहित अन्य वनकर्मी मौके पर मौजूद हैं।
