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Bihar News: फेसबुक-व्हाट्सएप के दौर में भी कायम है अपनापन, दशहरे पर मिठाई और पान की अनूठी परंपरा

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:23 PM (IST)

बगहा के मलकौली-पठखौली में दशहरे पर मिठाई और पान खिलाने की अनूठी परंपरा आज भी रिश्तों में मिठास घोल रही ...और पढ़ें

मलकौली-पठखौली में एक दूसरे से मिलते लोग।

मलकौली-पठखौली में एक दूसरे से मिलते लोग।

HighLights

  1. दशहरे पर मिठाई और पान खिलाने की अनूठी परंपरा।

  2. आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाती है।

  3. इंटरनेट मीडिया के दौर में भी रिश्तों को जोड़ती है।

जागरण संवादाता,बगहा (पश्चिम चंपारण)। बदलते दौर में जहां इंटरनेट मीडिया ने लोगों के बीच संवाद का तरीका बदल दिया है, वहीं बगहा के मलकौली-पठखौली में दशहरे पर निभाई जाने वाली अनूठी परंपरा आज भी रिश्तों की मिठास बरकरार रखे हुए है।

विजयादशमी की शाम घर-घर मिठाई खिलाने और पान का बीड़ा देकर अतिथियों को विदा करने की यह परंपरा आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है।

इस परंपरा के तहत लोग अपने घरों के सामने मिठाई की थाली और सजा हुआ पान लेकर अतिथियों के स्वागत में बैठते हैं। छोटा हो या बड़ा, युवा हो या बुजुर्ग, सभी एक-दूसरे के घर पहुंचकर मुलाकात करते हैं।

अतिथियों का अभिनंदन करने के बाद उन्हें मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया जाता है। विदाई के समय पान खिलाकर उनके चेहरे की चमक और होठों की लाली बरकरार रहने की कामना की जाती है।

गिले-शिकवे मिटाकर रिश्ते मजबूत करने की पहल

पान को संस्कृत में तांबूल कहा जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में भी पान अर्पित करने की परंपरा रही है। लेकिन मलकौली-पठखौली में दशहरे पर पान और मिठाई के माध्यम से संबंधों में मिठास घोलने की परंपरा इसे विशिष्ट बनाती है। इसका उद्देश्य आपसी मनमुटाव दूर करना और मित्रता व भाईचारे के रिश्तों को मजबूत करना है।

नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी निप्पू कुमार पाठक बताते हैं कि पूर्वजों ने दूरदर्शिता के साथ इस परंपरा की शुरुआत की थी।

आज लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में दशहरे की छुट्टी पर एक-दूसरे से मिलना, साथ बैठना और पुराने गिले-शिकवे दूर करना बेहद महत्वपूर्ण है।

यह परंपरा बताती है कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि टूटते संवाद को जोड़ने और रिश्तों में प्रेम की मिठास बनाए रखने का माध्यम भी हैं। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार गिरींद्र पांडेय, शिवा तिवारी समेत बड़ी संख्या में लोग मिलकर एक दूसरे को बधाई दी।

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