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पश्चिम चंपारण से रोजी-रोटी की तलाश में दुबई गया राजन, लौटा तो शव बनकर

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:00 PM (IST)

रोजी-रोटी की तलाश में दुबई गए पश्चिम चंपारण के राजन यादव की काम के दौरान हुए हादसे में मौत हो ...और पढ़ें

राजन यादव के घर के बाहर जुटी स्थानीय लोगों की भीड़। जागरण

राजन यादव के घर के बाहर जुटी स्थानीय लोगों की भीड़। जागरण

HighLights

  1. राजन यादव की दुबई में काम के दौरान दुखद मौत।

  2. केंद्रीय मंत्री सतीश दुबे की पहल पर शव स्वदेश लौटा।

  3. पश्चिम चंपारण के मेहुड़ा गांव में हुआ अंतिम संस्कार।

पंचायत सूत्र, मेहुड़ा, बगहा (पश्चिम चंपारण)। रोजी-रोटी की तलाश में दुबई गए राजन यादव ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि जिस कमाई से वह अपने परिवार के सपनों को पूरा करना चाहते थे, उसी परदेश से उनका पार्थिव शरीर गांव लौटेगा।

13 अक्टूबर को काम के दौरान हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। घर में मातम छा गया और परिवार के सामने अपने बेटे का अंतिम दर्शन करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

आखिरकार, जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राजन का पार्थिव शरीर उनके गांव मेहुड़ा पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

काम के दौरान ऊपर गिरा लोहे का गाटर

बगहा एक प्रखंड के मेहुड़ा निवासी राजन यादव दुबई की एक कंपनी में काम करते थे। बीते 13 अक्टूबर को कार्य के दौरान उनके ऊपर लोहे का गाटर गिर गया।

गंभीर हादसे में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्वजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परदेश में मौजूद उनके भाई राजू यादव के सामने भाई का पार्थिव शरीर भारत लाने की चुनौती थी।

कानूनी औपचारिकताएं बनीं चुनौती

विदेश में मौत के बाद पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने के लिए जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी थीं। परिवार के लिए यह सब आसान नहीं था।

ऐसे कठिन समय में स्वजन ने भाजपा जिला प्रवक्ता सुनील दत्त पाण्डेय से मदद मांगी। उन्होंने मामले की जानकारी केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे को दी।

पहल के बाद तेज हुई प्रक्रिया

मामले की जानकारी मिलने पर केंद्रीय मंत्री ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया तेज कराने के लिए पहल की।

मंत्री के सहयोगी रंजू चौबे ने भी जरूरी दस्तावेज विदेश मंत्रालय तक पहुंचाने में सहायता की। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राजन का पार्थिव शरीर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से उसे मेहुड़ा गांव लाने की व्यवस्था की गई।

परिवार ने जताया आभार

राजन के गांव पहुंचते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान स्वजन और ग्रामीण गमगीन रहे। राजन के पिता वशिष्ठ यादव और परिवार के अन्य सदस्यों ने इस मुश्किल घड़ी में मदद के लिए केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे के प्रति आभार जताया।