Bihar News : राजसी ठाठ के बीच सियासत से बनाई दूरी, राजा धनंजय की याद में जुटा रामनगर, संस्मरण सुन भावुक हुए लोग
रामगढ़ राज परिवार के राजा धनंजय विक्रम शाह का निधन हो गया, जिन्होंने राजसी वैभव के बावजूद राजनीति से दूरी ...और पढ़ें

राजा धनंजय की याद में जुटे लोग।
HighLights
राजा धनंजय विक्रम शाह का निधन, रामनगर में दी गई श्रद्धांजलि।
राजसी वैभव के बावजूद राजनीति से बनाई दूरी, रहे सक्रिय।
सामाजिक और धार्मिक कार्यों में उनकी भूमिका को लोगों ने सराहा।
संवाद सूत्र, रामनगर (पश्चिम चंपारण) । राजसी वैभव और विरासत के बीच पले-बढ़े रामनगर राज परिवार के राजा धनंजय विक्रम शाह ने राजनीति की राह नहीं चुनी। पिता राजा नारायण विक्रम शाह के चार बार विधायक रहने के बावजूद उन्होंने खुद को सियासत से दूर रखा।
सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले धनंजय विक्रम शाह के निधन के बाद मंगलवार शाम मारवाड़ी विवाह भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने उनके साथ बिताए संस्मरणों को याद किया। कई वक्ता उनकी सहजता और गर्मजोशी को याद करते हुए भावुक हो उठे।
तैलचित्र पर अर्पित किए पुष्प
परमार्थ संस्थान की ओर से आयोजित सभा में आचार्य दिनेश शुक्ल और दिनेश मुखिया के देखरेख में कार्यक्रम हुआ। लोगों ने राजा धनंजय विक्रम शाह के तैलचित्र पर पुष्प व माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
गर्मजोशी से करते थे स्वागत
वक्ताओं ने कहा कि राज परिवार की पृष्ठभूमि के बावजूद धनंजय विक्रम शाह का व्यवहार बेहद सहज था। अरमान खान ने कहा कि उनसे जब भी मुलाकात हुई, उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके व्यवहार में अपनापन हमेशा महसूस होता था।
धार्मिक आयोजनों में थी रुचि
भाजपा नेता मधुकर राय ने कहा कि धनंजय विक्रम शाह की धार्मिक कार्यों में विशेष रुचि थी। रामनगर में आयोजित यज्ञ के वे अध्यक्ष रहे थे। इस यज्ञ में राष्ट्रीय स्तर के कई प्रवचनकर्ता पहुंचे थे।
सियासत से रहे दूर
राजसी विरासत और राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद धनंजय विक्रम शाह ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। उनके पिता राजा नारायण विक्रम शाह चार बार विधायक रहे थे, फिर भी धनंजय ने राजनीति में कदम नहीं रखा। वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों से जुड़े रहे।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में सदाकांत शुक्ल, अपूर्व विक्रम शाह, आनंद किशोर मिश्र, जीतेन्द्र बहादुर सिंह (बुलबुल सिंह), संजय मिश्रा, डॉ. राकेश राव, राजेश कुशवाहा, अलाउद्दीन राईन, राहुल गुप्ता, मनीष पांडेय समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
