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खुली जीप में निकलते थे रामनगर के राजा धनंजय, सम्मान में झुक जाता था शहर, सड़कों पर उमड़ पड़ता था जनसैलाब

Published: Sat, 15 Aug 2026 07:00 AM (IST)

रामनगर राज परिवार के राजा धनंजय विक्रम शाह का 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिनका अंतिम संस्कार ...और पढ़ें

रामनगर के राजाओं का महल व राजा धनंजय विक्रम शाह की फाइल फोटो

रामनगर के राजाओं का महल व राजा धनंजय विक्रम शाह की फाइल फोटो 

HighLights

  1. राजा धनंजय विक्रम शाह का 66 वर्ष की आयु में निधन।

  2. अंतिम संस्कार वाल्मीकिनगर के त्रिवेणी घाट पर संपन्न हुआ।

  3. मिलनसार व्यक्तित्व और जनहितैषी कार्यों से जनता में लोकप्रिय।

संवाद सूत्र, रामनगर (पश्चिम चंपारण)। रामनगर राज परिवार के राजा स्व. धनंजय विक्रम शाह का निधन राज परिवार के एक युग का अंत है। पूरे सम्मान के साथ दिवंगत राजा पंचतत्त्व में विलीन हो गए। वाल्मीकिनगर के त्रिवेणी घाट पर उनका बीते गुरुवार को दाह संस्कार हुआ था।

शुक्रवार को भी उनके घर पर दिवंगत राजा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पूरे दिन लोग पहुंचते रहे। रामनगर राज परिवार का क्षेत्र नेपाल से सटे वाल्मीकिनगर से लेकर मैनाटांड़ तक फैला हुआ था। परंतु, पुराने राजाओं के मृत्यु के बाद भी स्थानीय लोगों में राज परिवार के साथ प्रेम एवं सम्मान कम नहीं हुआ।

नगर के नेपाली टोला मुड़िला निवासी वकील मियां, सत्यनारायण यादव का कहना है कि पुराने राजाओं की बात तो हम नहीं जानते परंतु रामनगर राज परिवार के राजा धनंजय विक्रम शाह इतने मिलनसार और खुले दिल के थे कि उनकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है। जब वह अपनी खुली जीप में शहर में निकलते थे तो उनको देखने के लिए एवं उनके सम्मान में सड़कों के दोनों तरफ लोग खड़े हो जाते थे।

राज परिवार से जुड़े सदस्य राजेश चौबे का कहना है कि राजा से जो लोग जुड़े थे। उनके लिए वह जान छिड़कते थे। उनके बेटी की शादी हो या बीमारी में आर्थिक रूप से काफी मदद करते थे।

रामनगर के राजा धनंजय विक्रम शाह के पिता राजा नारायण विक्रम रामनगर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे। उनके निधन के बाद राजा धनंजय विक्रम शाह ने राजनीति में रुचि नहीं दिखाई। पर, वह किसानों के हित के लिए आगे रहते थे। इसी कारण चीनी मिल का एक बार विरोध उनके नेतृत्व में हुआ था। पूरी जनता उनके साथ खड़ी थी।

जनता के लिए कई महत्वपूर्ण योगदान

रामनगर राज परिवार की तरफ से जनता के हितों को ध्यान में रखकर काफी योगदान रहा है। प्रेम जननी संस्कृत उच्च विद्यालय की व्यवस्था, प्रिंस मोहन विक्रम शाह कॉलेज, रामनगर क्लब की स्थापना, राज फील्ड, सुभद्रा देवी स्थान की भूमि, रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की भूमि। यह सभी रामनगर राज परिवार की देन है।

रामनगर राज परिवार के राजा धनंजय विक्रम शाह की का निधन 66 साल की उम्र में इलाज के दौरान दिल्ली में हो गया था। जिनका अंतिम संस्कार वाल्मीकि नगर त्रिवेणी घाट पर बीते गुरुवार को हुआ।