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Bihar News : सीएम के आने तक धरना जारी रखेंगे विधायक विनय बिहारी, समाहरणालय में बैठे

By Shashi MishraEdited By: Dharmendra Singh
Published: Tue, 29 Sep 2026 06:00 PM (IST)

Flood Relief : लौरिया के विधायक विनय बिहारी पश्चिम चंपारण के समाहरणालय में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री न मिलने ...और पढ़ें

Bihar Flood : समाहरणालय में धरना पर बैठे विधायक विनय बिहारी। जागरण

Bihar Flood : समाहरणालय में धरना पर बैठे विधायक विनय बिहारी। जागरण

HighLights

  1. विधायक विनय बिहारी बाढ़ राहत सामग्री न मिलने पर धरने पर बैठे।

  2. बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत सामग्री न मिलने पर जताई चिंता।

  3. बांधों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत और समयबद्धता सुनिश्चित करने की उठाई मांग।

जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। अपने क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री नहीं वितरण करने सहित उनकी अन्य मांगों को लेकर लौरिया के विधायक विनय बिहारी मंगलवार को समाहरणालय में धरना पर बैठ गए।

इसके पूर्व वे कलेक्टरेट में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह से मिलने आए थे। उन्होंने जिलाधिकारी का संध्या पांच बजे तक इंतजार किया, जब उक्त समय तक जिलाधिकारी नहीं पहुंचे, तो वे धरना पर बैठ गए।

विधायक ने कहा कि अब जब तक सूबे के मुख्यमंत्री यहां बाढ़ पीड़ितों की समस्या का समाधान करने नहीं आएंगे, तब वे धरना पर ही बैठे रहेंगे। वे कल भी आए थे।

जिलाधिकारी ने उनके क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों की समस्या का समाधान करने के लिए आज 12 बजे तक समय दिया था। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की समस्या को लेकर सरकार को ही घेरा है।

कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। विधायक के अनुसार, उनके क्षेत्र में करीब 3,000 पैकेट राहत सामग्री की आवश्यकता है, जबकि अब तक 200 पैकेट भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

प्रभावित परिवारों को तत्काल पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि बाढ़ की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विधायक ने प्रशासन से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की।

लगातार टूट रहे बांधों की मरम्मत को लेकर भी विधायक ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि बांधों की मरम्मत समय से पहले और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराई गई होती, तो बड़ी संख्या में लोगों को बाढ़ की त्रासदी नहीं झेलनी पड़ती।

उन्होंने बांधों की मरम्मत में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से लोगों को बचाया जा सके। 

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