यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
West Champaran News : नेपाल से लौट रहे मजदूर को बाघ ने मार डाला, जंगल में मिला शव; इलाके में फैली दहशत
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के मंगुराहा वन प्रक्षेत्र में गुरुवार शाम नेपाल से लौट रहे भारतीय मजदूर को बाघ ने ...और पढ़ें

HighLights
- मृतक भंगहा का निवासी, बाघ जंगल में डेढ़ किमी अंदर ले गया था घसीटकर
- मंगुराहां रेंज के जसौली जंगल में मिला शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
जागरण टीम, नरकटियागंज/ इनरवा (पश्चिमी चंपारण)। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के मंगुराहा वन प्रक्षेत्र में गुरुवार शाम नेपाल से लौट रहे भारतीय मजदूर को बाघ ने मार डाला। शुक्रवार दोपहर गश्त कर रहे वनकर्मियों को उसका शव जंगल में ओरिया नदी के पास मिला।
मृतक की पहचान भंगहा थाने के सिसवा निवासी दीपेंद्र महतो (32) के रूप में की गई। इस घटना से आसपास के गांवों के लोग भयभीत हैं। जानकारी मिलने पर रेंजर सुनील कुमार पाठक और पुलिस पहुंची। हरी महतो, बितन महतो, प्रकाश कुमार, गुड्डू महतो, बलराम चौधरी, केदार महतो ने बताया कि दीपेंद्र मजदूर था।
चुनाव को लेकर बार्डर सील
वह सीमा पार नेपाल के विजय बस्ती में मजदूरी करने गया था। चुनाव को लेकर बार्डर सील है। इस वजह से जंगल के रास्ते अपने घर सिसवा आ रहा था। धूमाटांड जसौली जंगल में अहिरवा सिसवा के पास बाघ ने उस पर हमला कर दिया। फिर करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर शव को घसीटकर ओरिया नदी के समीप ले गया।
पैर और गर्दन पर भी जख्म के निशान
रेंजर सुनील कुमार पाठक ने बताया कि मजदूर का शव क्षत-विक्षत मिला है। बाघ ने उसके सीने और पेट को फाड़ डाला। पैर और गर्दन पर भी जख्म के निशान हैं। ग्रामीणों व स्वजन ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की। घर में दीपक की पत्नी रंजू देवी के साथ बड़ी बेटी अशिका कुमारी (2), छोटी गुड़िया कुमारी (7 माह) हैं।
डीएफओ प्रद्युम्न गौरव का कहना है कि जंगल के रास्ते नेपाल से काम कर वह व्यक्ति लौट रहा था। आशंका है कि रास्ते में साइकिल खड़ी कर लकड़ी चुनते समय झाड़ी में छिपे बाघ के नजदीक पहुंचा होगा। घटनास्थल से साइकिल, साग, चप्पल बरामद की गई है। वन विभाग लोगों को जंगल के अंदर जाने के लिए मना करता है।
