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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyclone Remal गंभीर चक्रवात में होगा तब्दील, 120 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा; इन जिलों में हो जाएं सतर्क

Published: Sat, 25 May 2024 01:42 PM (IST)

Cyclone Remal मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव ...और पढ़ें

Cyclone Remal गंभीर चक्रवात में होगा तब्दील, 120 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा (फाइल फोटो)
Cyclone Remal गंभीर चक्रवात में होगा तब्दील, 120 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. ओडिशा के सभी बंदरगाह में लगा एक नंबर खतरे का निशान
  2. कुछ जिलों में तेज हवा के साथ हो सकती है भारी वर्षा

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। Cyclone Remal भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को बताया कि पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र इसी क्षेत्र के ऊपर गहरे दबाव में बदल गया है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 12 घंटों के दौरान गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवात में बदल जाएगा। इसके बाद यह लगभग उत्तर की ओर बढ़ेगा और 26 मई की सुबह तक एक गंभीर चक्रवात में तब्दील हो जाएगा।

आईएमडी ने कहा है कि इसके बाद 26 मई की मध्यरात्रि तक सागर द्वीप और खेपुपरा के बीच बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 110-120 किमी प्रति घंटे रहेगी। बीच-बीच में झटका पवन की गति 135 किमी प्रति घंटे तक होगी।

आईएमडी का पूर्वानुमान ट्रैक और तीव्रता

26 अप्रैल को चक्रवात भीषण रूप धारण करेगा। भीषण रूप में ही चक्रवात बांग्लादेश एवं पश्चिम बंगाल तटीय सागर द्वीप एवं खेपूपरा के बीच स्थल भाग अतिक्रम करेगा।इस दौरान हवा की अधिकतम गति 110-120 से रहेगी। झटका पवन की गति 135 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।

वहीं, 27 अप्रैल को हवा की गति कम होगी। के अधिकतम निरंतर सतही हवा की गति 70-80 किमी. प्रति घंटा रहेगी। इस दौरान झटक पवन की गति 90 किमी प्रति घंटा रह सकती है। 28 मई को गहरे दबाव में तब्दील होने का पूर्वानुमानमौसम विभाग ने लगाया है।

भारी बारिश की चेतावनी

पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 26 और 27 मई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।ओडिशा में चक्रवात का प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि तटीय जिलों में कुछ जगहों पर बज्रपात के साथ वर्षा होने की सम्भावना है।

इस चक्रवार का सीधा प्रभाव ओडिशा में नहीं पड़ेगा। हालांकि इसके प्रभाव से उत्तर एवं तटीय ओडिशा में हवा की गति 40 से 50 किमी. तक रहेगी। बीच-बीच में झटका पवन 60 किमी. तक पहुंच जाएगी। इसके प्रभाव से बंगोप सागर अशांत रहेगा। ऐसे में ओडिशा के सभी बंदरगाह में एक नंबर खतरे का निशान लगा दिया गया है। ओडिशा के बालेश्वर, केन्द्रापड़ा एवं भद्रक में भारी वर्षा हो सकती है।

27 मई को ओडिशा के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

27 मई को बालेश्वर, भद्रक केन्द्रापड़ा एवं मयूरभंज जिले में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। संभावित चक्रवात को देखते हुए विशेष राहत आयुक्त ने सभी जिलों को सतर्क रहने के लिए निर्देश जारी किया है।चक्रवात पर नजर रखने एवं मछुआरों को समुद्र में ना जाने की हिदायत दी गई है। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

मौसम वैज्ञानिक सुरेन्द्र पशुपालक ने कहा कि गहरे दबाव का क्षेत्र आज चक्रवात का रूप धारण कर लिया है।रविवार को यह भीषण चक्रवात का रूप धारण करेगा। 26 मई को खुर्दा, ढेंकानाल, कटक, जगतसिंहपुर, जाजपुर, केन्दुझर जिले में कुछ जगहों पर वर्षा होने की संभावना है। केन्द्रापड़ा, भद्रक, बालेश्वर एवं मयूरभंज जिले में तेज हवा के साथ भारी बारिश हो सकती है।

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