10 हजार की दिहाड़ी; 'किराए की चाची' और तहखाने में शराब, बिहार में तस्करों का नया खेल
बिहार में शराबबंदी के बाद तस्कर पुलिस से बचने के लिए महिलाओं को शराब लदी गाड़ियों में 'कवच' के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

शराबबंदी वाले बिहार में तस्करी का नया तरीका: महिलाएं बन रहीं 'कवच'
HighLights
महिलाएं शराब तस्करी में 'कवच' के रूप में इस्तेमाल हो रहीं।
पुलिस से बचने के लिए तस्करों का यह नया तरीका सामने आया।
महिलाएं प्रतिदिन 10 हजार रुपये तक लेती हैं इस काम के लिए।
संवाद सहयोगी, बगहा। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब शराब लदी गाड़ियों में महिलाओं को बैठाकर उन्हें घरेलू महिला के रूप में पेश करने का तरीका भी अपनाया जा रहा है।
उत्पाद विभाग की कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है। हाल के दिनों में सीतामढ़ी जिले से पकड़ी गई एक महिला ने पूछताछ में बताया कि वह शराब लदी गाड़ियों में सफर करने के एवज में धंधेबाज से प्रतिदिन 10 हजार रुपये लेती है।
यूपी सहित कई राज्यों मे नेटवर्क
महिला के अनुसार, वह यूपी सहित अन्य राज्यों से शराब लदी गाड़ियों में घरेलू महिला बनकर सफर करती है। उसका कहना था कि गाड़ी में महिला या युवती के सवार होने पर पुलिस के वाहन को रोककर जांच करने की संभावना कम रहती है। इसी सोच का फायदा शराब तस्कर उठा रहे हैं।
महिला को गाड़ी में बैठाकर तस्कर वाहन को सामान्य परिवार की गाड़ी के रूप में दिखाने का प्रयास करते हैं।
'किराए की चाची'
उत्पाद निरीक्षक सह थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि शराब लदी एक गाड़ी को रोककर चालक से पूछताछ की गई थी। चालक ने गाड़ी में बैठी महिला को अपनी 'चाची' बताया और कहा कि उसे बेतिया ले जा रहा है।
जब चालक से गाड़ी में शराब या कोई अन्य प्रतिबंधित सामग्री होने के संबंध में पूछा गया तो उसने कहा कि साहब, गाड़ी में महिला बैठी है, शराब या प्रतिबंधित सामग्री रखना तो दूर की बात है। इसके बावजूद उत्पाद विभाग की टीम को शक हुआ।
गाड़ी की स्कैनर मशीन से जांच कराई गई तो अंदर बने तहखाने समेत अन्य हिस्सों में शराब की बोतलें छिपाकर रखे जाने का पता चला। इसके बाद शराब तस्करी में महिलाओं के इस्तेमाल का मामला सामने आया।
यहां बता दे कि 27 अगस्त को कार संख्या डीएल 10 सीडी 2388 से 68 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। मामले में यूपी निवासी अवध किशोर पांडेय और सीतामढ़ी निवासी संजीव कुमार के साथ एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया था। उत्पाद विभाग अब शराब तस्करी में महिलाओं के इस्तेमाल को लेकर भी निगरानी बढ़ा दिया है।
