विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार के वीटीआर में पर्यटकों को अब बाघ के साथ दिखेंगे 'आसमान के सफाईकर्मी

Published: Wed, 14 Oct 2026 04:07 PM (IST)

Valmiki Tiger Reserve : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में विलुप्त हो रहे गिद्धों के संरक्षण के लिए एक नया केंद्र ...और पढ़ें

वीटीआर में विलुप्त हो रहे गिद्धों के लिए नया अधिवास गिद्ध संरक्षण केंद्र बनाया गया

वीटीआर में विलुप्त हो रहे गिद्धों के लिए नया अधिवास गिद्ध संरक्षण केंद्र बनाया गया

HighLights

  1. वीटीआर में नया गिद्ध संरक्षण केंद्र पर्यटकों के लिए तैयार।

  2. 16 अक्टूबर से शुरू हो रहे पर्यटन सत्र में होगा दीदार।

  3. मदनपुर वन क्षेत्र में नए जंगल सफारी रूट शामिल।

पंचायत सूत्र, नौरंगिया (पश्चिम चंपारण)। Vulture Conservation Centre : बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए अब एक नया आकर्षण केंद्र जुड़ गया है।

वीटीआर में विलुप्त हो रहे गिद्धों के लिए नया अधिवास गिद्ध संरक्षण केंद्र बनाया गया है। यह संरक्षण केंद्र पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। अब नए पर्यटन सत्र कि शुरुआत में ही पर्यटक इसका दीदार कर सकेंगे।

बताते चलें कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल दो के चिउटाहा वन क्षेत्र के कंपार्ट संख्या 22 में लगभग पांच एकड़ में इस केंद्र को विकसित किया गया है।

पहले यह भूमि पर अतिक्रमण था। जिसे हटाकर इसे गिद्धों के लिए सुरक्षित अधिवास क्षेत्र बनाया गया है। यहां ऊंचे सेमल के पेड़ पर इन दिनों 40 से 50 गिद्ध एक साथ देखे जा रहे हैं। जंगल में इनकी संख्या अब लगभग 150 के करीब पहुंच गई है।

अब सफारी रूट में शामिल होगा मदनपुर के दो नए रूट

मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि वन विभाग के नए प्लान के अनुसार, मदनपुर से शुरू होने वाली 15 किलोमीटर की नई जंगल सफारी का पहला मुख्य पड़ाव चिउटाहां वन क्षेत्र के जिमरी गिद्ध संरक्षण केंद्र होगा। तो दूसरा पर्यटक मदनपुर देवी स्थान दर्शन कर दिल्ली कैंप के रास्ते गंडक नदी का मनोरम दृश्य के लुत्फ उठाएंगे। इसके लिए ''गेटवे ऑफ वीटीआर'' भी बनकर तैयार हो गया है।

पर्यटन सत्र 16 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इस नए पर्यटन सत्र में मदनपुर वन क्षेत्र को भी शामिल किया गया है। इसके लिए गिद्ध संरक्षण केंद्र बनाया गया है जो जंगल के इको सिस्टम के नायक माने जाते हैं। ये मृत जानवरों को खाकर जंगल को साफ रखते हैं। लगातार विलुप्त हो रहे गिद्ध को बचाने के लिए यह बड़ी पहल की गई है।
गौरव ओझा,वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक, वीटीआर, बेतिया ।

यह भी पढ़ें- बिहार में वीटीआर के पर्यटकों को मिलेगा लग्जरी ठिकाना, 500 लोगों की क्षमता वाला हॉल भी तैयार