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Diwali 2026 : रामनगरी अयोध्या को रोशन करेंगे बिहार के कुम्हार, 80 हजार दीयों की पहुंची खेप

Published: Fri, 06 Nov 2026 02:18 PM (IST)

Ayodhya Diwali Celebration : बगहा के चौतरवा क्षेत्र के कुम्हारों द्वारा बनाए गए लगभग 80 हजार मिट्टी के दीये इस ...और पढ़ें

पश्चिम चंपारण जिले के चौतरवा में मिट्टी के दीए व अन्य बर्तन बनाते कुम्भार। जागरण

पश्चिम चंपारण जिले के चौतरवा में मिट्टी के दीए व अन्य बर्तन बनाते कुम्भार। जागरण

HighLights

  1. चौतरवा के कुम्हारों के 80 हजार दीये अयोध्या धाम रोशन करेंगे।

  2. अयोध्या के व्यापारी तीन साल से लगातार दीये खरीद रहे हैं।

  3. इस मांग से पारंपरिक कुम्हारी कला को नई उम्मीद मिली।

उपेंद्र शुक्ल, चौतरवा (पश्चिम चंपारण)। अयोध्या धाम में इस बार जगमगाने वाले लाखों दीयों में बगहा के चौतरवा क्षेत्र के कुम्हारों के बनाए दीये भी शामिल होंगे।

अयोध्या के व्यापारियों की मांग पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से करीब 80 हजार मिट्टी के दीयों की खेप अयोध्या पहुंच चुकी है। तीन वर्षों से अयोध्या के व्यापारी यहां पहुंचकर मिट्टी के दीये खरीद रहे हैं। इससे पारंपरिक कुम्हारी कला से जुड़े परिवारों के कारोबार को नई उम्मीद मिली है।

लगुनाहा के भरत पंडित, चैनपुर के मनोज पंडित, झारमहुई के सुरेश पंडित और सीतापार के सुरेश पंडित बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में उनके बनाए दीयों की मांग लगातार बढ़ी है।

क्षेत्रीय बाजार में मिट्टी के दीयों की मांग कम होने के बावजूद अयोध्या से मिलने वाला आर्डर कुम्हार परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। पहले जहां दीये तैयार करने के बाद बाजार की तलाश करनी पड़ती थी, वहीं अब अयोध्या के व्यापारी खुद गांव पहुंचकर दीये खरीद रहे हैं।

तीन साल पहले शुरू हुआ सिलसिला

पतिलार कारखाना टोला निवासी राम सागर पंडित और शांति देवी बताते हैं कि करीब तीन वर्ष पहले अयोध्या के व्यापारियों का एक दल क्षेत्र में पहुंचा था। व्यापारियों ने बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये खरीदे और अगले वर्ष भी आने का भरोसा दिया।

इसके बाद लगातार तीन वर्षों से अयोध्या के व्यापारी चौतरवा क्षेत्र के कुम्हारों से दीये खरीद रहे हैं। पिछले वर्ष क्षेत्र के करीब 10 गांवों से लगभग 60 हजार मिट्टी के दीये अयोध्या भेजे गए थे। इस वर्ष मांग बढ़कर करीब 80 हजार तक पहुंच गई है।

100 परिवार जुड़े हैं कारोबार से

राम सागर पंडित बताते हैं कि अकेले पतिलार कारखाना टोला में करीब 100 परिवार मिट्टी के दीये बनाने के काम से जुड़े हैं। 80 हजार दीयों की मांग पूरी करने के लिए सभी परिवार आपस में मिलकर बनाते और आपूर्ति कर रहे हैं। व्यापारी तैयार दीये खरीदकर ले जाते हैं और कुम्हारों को भुगतान भी तत्काल मिल जाता है।

एक दीया करीब एक रुपये में बिकता है, जबकि उसे तैयार करने में लगभग 80 पैसे की लागत आती है। बचत कम होने के बावजूद अयोध्या से मिल रही लगातार मांग कुम्हारों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है।

राम सागर कहते हैं कि स्थानीय स्तर पर लोग अब मिट्टी के दीये कम खरीदते हैं, लेकिन जब यही दीये अयोध्या धाम में राम की नगरी को रोशन करते हैं तो कुम्हार परिवारों को अलग तरह का सुकून मिलता है। दीपावली के साथ छठ पर्व पर मिट्टी के बर्तनों की बढ़ती मांग ने भी इस पारंपरिक कारोबार को संबल दिया है।

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