बेतिया राज की जमीन पर फिर 'खेला': खुद को बचाने के लिए कर्मियों ने मिटाए रिकॉर्ड, 500 एकड़ का मामला
बेतिया राज की छह एकड़ जमीन की फर्जी जमाबंदी मामले में जांच टीम के गठन की भनक लगते ही ऑनलाइन रिकॉर्ड को शून्य कर दिया गया है।

बेतिया राज की छह एकड़ भूमि की फर्जी जमाबंदी मामले में फिर हुआ 'खेला' (AI Generated Image)
HighLights
फर्जी जमाबंदी मामले में ऑनलाइन रिकॉर्ड शून्य किया गया।
जिलाधिकारी के आदेश पर जांच टीम ने जांच पूरी की।
बेतिया राज की 500 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जीवाड़े का आरोप।
जागरण संवाददाता, बेतिया। सदर अंचल कार्यालय में बेतिया राज की छह एकड़ जमीन की फर्जी जमाबंदी मामले में एकबार फिर खेला हो गया है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के आदेश पर जांच टीम का गठन होने की भनक लगते ही फर्जीवाड़े के धंधे में लिप्त कर्मियों ने ऑनलाइन जमाबंदी को शून्य कर दिया है, लेकिन रकबा अब भी 53 डिसमिल दिख रहा है।
अगस्त माह में परिमार्जन के माध्यम से कायम की गई जमाबंदी के खाता-खेसरा को ऑनलाइन रिकॉर्ड में पुनः शून्य कर दिया गया है।
अंचल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अंचल के मौजा पूर्वी करगहिया में जमाबंदी संख्या 105 का संधारण है। पूर्व के रजिस्टर-2 में यह जमाबंदी दर्ज है। बाद में इसी जमाबंदी की वेब कापी में हाथ से विभिन्न खाता-खेसरा अंकित किए गए है।
इसके बाद अगस्त माह में परिमार्जन के माध्यम से जमाबंदी में सुधार करते हुए अलग-अलग खाता-खेसरा की करीब छह एकड़ भूमि दर्ज कर दी गई है। हालांकि, डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने मामले की जांच कर ली है। टीम दो दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट भी सौंप सकती है।
मामले में अधिकारी से लेकर कर्मियों की मिलीभगत की संभावना है। ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि अभिलेखों में खाता-खेसरा दर्ज करने की प्रक्रिया में किन स्तरों पर अनियमितता हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं?
अगर इस मामले की गहनता से जांच होती है तो बेतिया राज की अन्य जमीन की गलत तरीके से जमाबंदी करने के कई मामले भी उजागर होंगे। छह एकड़ जमीन से जुड़े ताजा मामले में जांच कमेटी की रिपोर्ट पर अब सबकी नजर टिकी हैं।
500 एकड़ से अधिक भूमि पर फर्जी जमाबंदी का आरोप
बताया जाता है कि कोर्ट ऑफ वार्ड्स के अधीन आने के बाद केवल बेतिया अंचल में ही बेतिया राज की 500 एकड़ से अधिक भूमि पर गलत तरीके से विभिन्न रैयतों के नाम जमाबंदी कायम किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं।
बेतिया शहर के एक बड़े हिस्से में भी बेतिया राज की जमीन बताई जाती है। इन जमीनों पर कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर आवासीय भवन तक बने हुए हैं।
बेतिया राज की छह एकड़ भूमि की कथित फर्जी जमाबंदी कायम करने के मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। शीघ्र ही जांच टीम रिपोर्ट समर्पित करेगी। - राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता, बेतिया
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