वैशाली में बाढ़ से 7455 हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद, राघोपुर में सबसे ज्यादा तबाही
वैशाली जिले में गंगा नदी की बाढ़ का कहर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन इसने किसानों की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद कर दी हैं।

वैशाली में बाढ़ से 7455 हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद, राघोपुर में सबसे ज्यादा तबाही
HighLights
वैशाली में बाढ़ से 7455 हेक्टेयर फसलें पूरी तरह बर्बाद।
राघोपुर दियारा में सबसे अधिक फसल क्षति, 75% नुकसान।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
रविकांत सिंह, हाजीपुर। वैशाली जिले में गंगा नदी के रौद्र रूप से आई बाढ़ का कहर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन जाते-जाते बाढ़ के पानी ने किसानों की उम्मीदों व मेहनत पर पानी फेर दिया है। बाढ़ के पानी में न सिर्फ हजारों एकड़ में लगी फसल डूब कर बर्बाद हो गई बल्कि फसल डूबने के साथ किसानों की उम्मीदें भी डूब गई।
जिला कृषि पदाधिकारी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, छह प्रखंडों की 41 पंचायतों में 10,669.41 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। इनमें 7,455.4 हेक्टेयर में लगी धान, मक्का, केला, जनेरा और सब्जी की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
वहीं, 31 पंचायतों के 6,980.41 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति हुई है, जो मुआवजे के दायरे में आती है।
राघोपुर दियारा में सबसे ज्यादा तबाही
सबसे ज्यादा तबाही राघोपुर दियारा में हुई है। यहां की सभी 20 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। अकेले राघोपुर में 5,768.63 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई है, जिसमें 5,638.63 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति हुई है। यह जिले में दर्ज कुल फसल क्षति का 75 प्रतिशत है।
बुधवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आला अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने एसडीआरएफ की बोट और ट्रैक्टर से तेरसिया एवं सरायपुर पंचायत में जलमग्न खेतों का निरीक्षण किया और फसल क्षति का जायजा लिया।
छह प्रखंडों में हुई है फसल की भारी क्षति
राघोपुर की 20 पंचायतों में 5,768.63 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हुई और 5,638.63 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई। बिदुपुर की चार पंचायतों में 603 हेक्टेयर प्रभावित हुआ और पूरी भूमि पर 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई। देसरी की चार पंचायतों में 1,489.58 हेक्टेयर प्रभावित हुआ, जिसमें 144.99 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से कम क्षति हुई।
महनार की छह पंचायतों में 956 हेक्टेयर प्रभावित हुआ और 591.7 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई। सहदेई बुजुर्ग की तीन पंचायतों में 812.2 हेक्टेयर प्रभावित हुआ, जिसमें 147.08 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई।
हाजीपुर की चार पंचायतों में 1,040 हेक्टेयर प्रभावित हुआ और 330 हेक्टेयर में 33 प्रतिशत से कम क्षति हुई। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये प्रारंभिक आंकड़े हैं। वास्तविक क्षति का आकलन पानी घटने के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अंचलाधिकारी की संयुक्त जांच से होगा।
15-20 दिन पानी में डूबे रहे केले के बागान
राघोपुर के तेरसिया और सरायपुर में सैकड़ों एकड़ में लगे केले के पौधे 15-20 दिन तक पानी में डूबे रहने से सूख गए हैं। पूर्व उप प्रमुख सह तेरसिया मुखिया प्रतिनिधि मुकेश राय, रामप्रवेश भगत, विद्यासागर, गणेश राय, रघुवीर राय और रघुनाथ महतो ने बताया कि बाढ़ ने 15 दिन से अधिक समय तक भीषण तबाही मचाई। सैकड़ों एकड़ में लगी केले की फसल बर्बाद हो गई।
फतेहपुर के संतोष कुमार सिंह, पूर्व उपसरपंच नवल किशोर सिंह, रामनिरंजन सिंह उर्फ छलिया सिंह, जहांगीरपुर के अर्जुन कुमार, वीरपुर के व्यासनारायण सिंह, पैक्स अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह और ललन सिंह समेत किसानों ने बताया कि अच्छी बारिश से फसल अच्छी लगी थी और यही साल भर के खाने-पीने का सहारा थी। बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया। अब कर्ज चुकाने, परिवार के भरण-पोषण और मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
भाजपा नमामि गंगे प्रकल्प के प्रदेश सह संयोजक गौतम सिंह, बीस सूत्री अध्यक्ष धनंजय सिंह, उपाध्यक्ष मंतोष सिंह, सदस्य मुकेश कुमार, हरेंद्र दास और शिवशंकर यादव ने राघोपुर के किसानों को तत्काल फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग सरकार से की है।
