विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नीतीश कुमार के नक्शेकदम पर चले निशांत, चंपारण से की 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत; हाजीपुर में JCB से बरसाए गए फूल

Published: Sun, 03 May 2026 02:32 PM (IST)

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र Nishant Kumar ने 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत की, जिसका हाजीपुर में जदयू कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।

HighLights

  1. निशांत कुमार ने 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत की।

  2. हाजीपुर में जदयू कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया।

  3. पिता नीतीश कुमार के नक्शेकदम पर चले निशांत।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने रविवार से 'सद्भाव यात्रा' की शुरुआत की। यात्रा के पहले दिन पश्चिमी चंपारण जाते समय हाजीपुर में जदयू कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।

वैशाली विधायक सिद्धार्थ पटेल और राजापाकर विधायक महेंद्र राम समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने निशांत का अभिनंदन किया। स्वागत के लिए जेसीबी मशीन से फूल बरसाए गए। निशांत ने लिफ्ट से ऊपर निकलकर सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया।

यात्रा शुरू करने से पहले निशांत ने 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया। इसके बाद जदयू कार्यालय पहुंचे, जहां शंखनाद और बिगुल बजाकर स्वागत हुआ।

पापा के नक्शेकदम पर चले निशांत 

निशांत ने अपनी यात्रा को 'सद्भाव यात्रा' नाम दिया है, जिसका अर्थ 'सबको साथ लेकर चलना' है। पहले दिन वे बेतिया-पश्चिमी चंपारण के क्षेत्रों में जाएंगे। 4 मई को वाल्मीकिनगर में जंगल सफारी का भी कार्यक्रम है।

उनके साथ मंत्री श्रवण कुमार और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी मौजूद हैं। निशांत ने यात्रा की शुरुआत पश्चिमी चंपारण से की है, जो महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही है।

यह इलाका उनके पिता नीतीश कुमार के लिए भी राजनीतिक रूप से अहम रहा है। नीतीश कुमार ने भी अपनी कई महत्वपूर्ण यात्राओं की शुरुआत चंपारण से ही की थी।

यात्रा के पहले दिन कई स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम तय हैं। इनके जरिए पार्टी शक्ति प्रदर्शन कर रही है। सद्भाव यात्रा के जरिए निशांत अपने पिता के राजनीतिक मूल्यों और कार्यशैली को आगे बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं। इसे उनके सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें- जमुई के 4 नए डिग्री कालेजों में इसी सत्र से आर्ट्स की पढ़ाई, हर विषय में 48 सीटें; ड्रॉप आउट पर लगेगी रोक

यह भी पढ़ें- बिहार के 'सुल्तानगंज गोलीकांड' का असर: धनबाद नगर निगम में हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध, CCTV से होगी निगरानी