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नेपाल में आई बाढ़ से उफान पर गंडक, हाई अलर्ट पर हाजीपुर प्रशासन; तटबंधों पर बढ़ी निगरानी

Published: Wed, 26 Aug 2026 05:11 PM (IST)

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका पर हाजीपुर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट ...और पढ़ें

नेपाल बाढ़ से गंडक उफान पर, हाजीपुर में हाई अलर्ट और तटबंधों पर कड़ी निगरानी

नेपाल बाढ़ से गंडक उफान पर, हाजीपुर में हाई अलर्ट और तटबंधों पर कड़ी निगरानी

HighLights

  1. नेपाल बाढ़ के बाद गंडक नदी में जलस्तर वृद्धि की आशंका।

  2. हाजीपुर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ाई।

  3. राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और एसडीआरएफ टीमें तैयार।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद गंगा-गंडक नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि की आशंका है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर गंडक तटबंध के साथ गंगा-गंडक के तटीय और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।

तटीय क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को अलर्ट रहने और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की अपील की जा रही है। विशेष परिस्थितियों में सूचना मिलते ही चिह्नित शरणस्थली पहुंचने के लिए तैयार रहने तथा शाम और रात में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

गंडक एवं गंगा नदी के प्रमुख तटबंधों पर प्रति किलोमीटर के आधार पर दंडाधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। संभावित रूप से प्रभावित अथवा विस्थापित परिवारों के लिए जिले में 100 बाढ़ राहत शिविर स्थल चिह्नित कर तैयार रखे गए हैं।

प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 104 सामुदायिक रसोई केंद्र भी चिह्नित एवं तैयार रखे गए हैं। किसी भी आपात स्थिति, सहायता अथवा तटबंध से संबंधित सूचना के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या-06224-260233 और 06224-260234 पर कॉल कर सकते हैं।

जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बुधवार को बताया कि गंडक के जलस्तर में करीब तीन मीटर तक संभावित वृद्धि को देखते हुए तिरहुत तटबंध की निगरानी बढ़ा दी गई है। विभागीय पदाधिकारियों के साथ होमगार्ड की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता तटबंधों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सतत निगरानी एवं गश्ती कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। लालगंज बसंता जहानाबाद, हथसारगंज और बालादास मठ के समीप तटबंध पर विशेष निगरानी की जा रही है।

तेरसिया में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए शरणस्थली, सामुदायिक किचन, मेडिकल टीम, पालीथिन शीट, सूखा राशन, पशु चारा और पर्याप्त नाव की व्यवस्था की गई है। हर एक घंटे पर स्थिति की सूचना अपडेट की जा रही है। हर एक घंटे पर सूचना को अपडेट किया जा रहा है।

एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम बुलाई गई

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद गंडक में करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर है। जिला प्रशासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनप्रतिनिधियों से लोगों को जागरूक करने की अपील की है। राघोपुर, महनार, हाजीपुर और लालगंज में एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।

मुख्यालय से अतिरिक्त टीम की मांग की गई है, जिसके बुधवार देर शाम तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। जिले में सात सरकारी नावें संचालित हैं। इनमें राघोपुर में छह और बिदुपुर में एक नाव उपलब्ध है। इसके अलावा विभिन्न अंचलों में 360 निजी नावों के लिए इकरारनामा किया गया है।

इनमें राघोपुर में 160, हाजीपुर में 61, बिदुपुर में 30, पातेपुर में 30 और महनार में 18 निजी नाव प्रमुख रूप से शामिल हैं। जिले में वर्तमान में 07 सरकारी नावें कार्यरत हैं, जिनमें राघोपुर में 06 तथा बिदुपुर में 01 सरकारी नाव उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त विभिन्न अंचलों में 360 निजी नावों के साथ इकरारनामा किया गया है। इनमें राघोपुर में 160, हाजीपुर में 61, बिदुपुर में 30, पातेपुर में 30 तथा महनार में 18 निजी नावें प्रमुख रूप से शामिल हैं। 189 खोज एवं बचाव दल, 192 प्रशिक्षित गोताखोर, 127 लाइफ जैकेट तथा तीन महाजाल उपलब्ध कराए गए हैं।

रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ को 01 इन्फ्लेटेबल लाइटिंग सिस्टम भी उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य एवं पशुपालन सेवाएं अलर्ट मोड में

किसी भी आपात स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंचलवार नौका औषधालय/बोट एंबुलेंस एवं मोबाइल हेल्थ यूनिट को आवश्यक दवाओं के साथ सक्रिय रखा गया है। वहीं, पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के उपचार एवं टीकाकरण के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा दलों की तैनाती की गई है।

विद्युत विभाग, नगर निकाय, अंचल एवं प्रखंड प्रशासन सहित संबंधित सभी विभागों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी संवेदनशील क्षेत्रों का लगातार फील्ड निरीक्षण कर रहे हैं।

घबराएं नहीं, बरतें सतर्कता

जिला प्रशासन ने गंडक एवं गंगा नदी के तटीय, दियारा एवं निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। नागरिक नदी के पानी, तेज धारा एवं तटबंधों के अत्यधिक निकट जाने से बचें।

संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए दियारा एवं निचले क्षेत्रों के लोग आवश्यक स्थिति में तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें।

जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने तथा राहत-बचाव दलों के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।

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