नेपाल में बाढ़ से बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट, गोपालगंज-बेतिया में NDRF तैनात; 'फ्लैश फ्लड' का खौफ
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में गंडक नदी के उफान का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते राज्य ...और पढ़ें

नेपाल में बाढ़ का पानी चारों तरफ फैला। फोटो-ANI
HighLights
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद गंडक नदी में उफान का खतरा।
बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट, एनडीआरएफ टीमें तैनात की गईं।
मुख्य सचिव ने संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद अब बिहार में गंडक के उफान को लेकर खतरा है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से अचानक बढ़े जलप्रवाह का असर गंडक में दिखने की आशंका है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
गंडक में करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई गई है। मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है।
मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में नदी के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी या किसी अन्य आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
नेपाल के छह जिलों से बढ़ा खतरा
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ जिलों में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम बताया गया है। इन क्षेत्रों से निकलने वाला जलप्रवाह आगे गंडक नदी के रास्ते बिहार में पहुंच सकता है। इसी संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव संसाधनों की अग्रिम तैनाती शुरू कर दी है।
गोपालगंज-बेतिया में एनडीआरएफ, मुजफ्फरपुर में टीम स्टैंडबाय
संभावित खतरे को देखते हुए गोपालगंज में एनडीआरएफ की एक टीम भेजने का निर्देश दिया गया है। बेतिया में भी करीब दो घंटे के भीतर एनडीआरएफ की टीम की तैनाती सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरपुर में एक टीम को स्टैंडबाय रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ते ही उसे प्रभावित क्षेत्र में भेजा जा सके।
एसएसबी की ओर से भी जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई दल और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। राज्य सरकार ने अतिरिक्त एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों को भी जरूरत के अनुसार तैयार रखने को कहा है।
गंडक बैराज के गेटों पर नजर
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेटों और संबंधित नहरों के संचालन के माध्यम से जलप्रवाह के सुरक्षित प्रबंधन का निर्देश दिया गया है। अभियंताओं को तटबंधों और जल संसाधन से जुड़ी संरचनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। संवेदनशील स्थानों पर किसी तरह की क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
नाव और आश्रय स्थल तैयार रखने का निर्देश
संभावित प्रभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए जिलों में निकासी योजना तैयार रखने को कहा गया है। पर्याप्त संख्या में नाव, आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन को नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थिति की जानकारी देने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। जिलाधिकारियों को नियमित मीडिया ब्रीफिंग करने का निर्देश दिया गया है। अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी भी बढ़ाने को कहा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में फ्लैश फ्लड और गंडक के संभावित जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति के अनुसार अतिरिक्त एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीम, नाव और अन्य राहत संसाधनों की तत्काल तैनाती की जाएगी।
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