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बिहार में पीएम आवास योजना पर अब नहीं चलेगी मनमानी, स्वीकृति से पहले बनेगा जमीन का नजरी नक्शा, गड़बड़ी पर लगेगी रोक

Published: Thu, 29 Oct 2026 04:58 PM (IST)

Pradhan Mantri Awas Yojana : बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब मनमानी नहीं चलेगी। स्वीकृति से पहले निर्माण ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पीएम आवास योजना में अब स्थल बदलने पर रोक।

  2. स्वीकृति से पहले नजरी नक्शा बनाना अनिवार्य।

  3. भूमि विवाद, अनियमितता रोकने को सख्त नियम।

संवाददाता, सुपौल। Pradhan Mantri Awas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत अब लाभुकों द्वारा मनमाने ढंग से जमीन बदलकर घर बनाने का खेल नहीं चल सकेगा। आवास निर्माण के दौरान सामने आने वाली स्थल संबंधी गड़बड़ियों, भूमि विवाद और विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है।

अब नए लाभुकों को आवास की स्वीकृति मिलने से पहले निर्माण स्थल का नजरी नक्शा तैयार करना होगा, जिसमें जमीन की वास्तविक स्थिति और उसकी स्पष्ट चौहद्दी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव का सख्त निर्देश

ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नियमों के तहत सामान्यतः उसी स्थान पर आवास का निर्माण किया जाना चाहिए, जहां पहली बार जियो टैगिंग (Geo-tagging) की गई है। योजना की विभिन्न किस्तों के भुगतान के समय भी जियो टैगिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

इसके बावजूद जांच के दौरान ऐसे कई मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें लाभुक जियो टैग किए गए निर्धारित स्थल से 25 मीटर के दायरे से बाहर या फिर किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन पर आवास का निर्माण करवा रहे हैं। इस तरह की अनियमितताओं के कारण न केवल विभाग के पास शिकायतें बढ़ रही हैं, बल्कि लक्षित स्थल पर आवास न बनने की समस्या भी लगातार सामने आ रही थी।

आवास सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा विवरण

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए लाभुकों के आवास की स्वीकृति से पहले प्रस्तावित निर्माण स्थल का विधिवत नजरी नक्शा तैयार किया जाएगा। इसमें जमीन की भौगोलिक स्थिति और चौहद्दी का स्पष्ट उल्लेख रहेगा।

तैयार किए गए अभिलेख को संबंधित कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा तथा इसका आवश्यक विवरण आवास सॉफ्ट पोर्टल (AwaasSoft Portal) पर भी अपलोड किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी जांच के दौरान यह मिलान करना बेहद आसान हो जाएगा कि लाभुक ने उसी जमीन पर पक्का मकान बनाया है या नहीं, जिसे योजना की स्वीकृति के वक्त चिह्नित किया गया था।

विवादों पर अंकुश और पारदर्शिता

इस नई और कड़े नियमों वाली व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आवास निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देना और स्थल बदलकर निर्माण कराने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना है।

अभिलेखों में जमीन की सही स्थिति और चौहद्दी दर्ज होने से भौतिक सत्यापन के दौरान यह तुरंत पता चल जाएगा कि आवास नियमानुसार सही जगह पर बना है या नहीं। इससे दूसरों की जमीन पर अवैध निर्माण या स्थल संबंधी आपसी विवादों की आशंका को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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