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मुंगेर में गैस सिल‍िंडर लीकेज ठीक करते समय लगी भीषण आग; एजेंसी कर्मी समेत 3 लोग झुलसे

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:53 PM (IST)

Munger Dharhara Gas Cylinder Fire: मुंगेर के धरहरा में गैस सिलेंडर लीकेज ठीक करते समय आग लगने से नयन इंडेन ...और पढ़ें

Munger Dharhara Gas Cylinder Fire: मुंगेर के धरहरा में गैस सिलेंडर लीकेज ठीक करते समय लगी भीषण आग

Munger Dharhara Gas Cylinder Fire: मुंगेर के धरहरा में गैस सिलेंडर लीकेज ठीक करते समय लगी भीषण आग

HighLights

  1. धरहरा में गैस सिलेंडर लीकेज से लगी आग।

  2. एजेंसी कर्मी समेत तीन लोग गंभीर रूप से झुलसे।

  3. ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टला, आग बुझी।

संवाद सहयोगी, धरहरा (मुंगेर)। Munger Dharhara Gas Cylinder Fire: धरहरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को रसोई गैस सिलेंडर का रिसाव ठीक करने के दौरान अचानक आग भड़क गई। इस हादसे में नयन इंडेन गैस एजेंसी के एक डिलीवरी कर्मी सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

आग की लपटें उठते ही मौके पर अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से आग पर काबू पाया गया और तीनों घायलों को तुरंत धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।

घायलों की पहचान गांव निवासी दयानंद यादव के पुत्र अमन कुमार, अनुराग कुमार और नयन इंडेन गैस एजेंसी के डिलीवरी कर्मी दीपक कुमार के रूप में हुई है।

रबर बदलने के बाद भी जारी रहा रिसाव

मिली जानकारी के अनुसार, अमन कुमार के घर रखे रसोई गैस सिलेंडर से बुधवार को अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया था। खतरे को भांपते हुए अमन उसी दिन सिलेंडर लेकर सीधे गैस एजेंसी पहुंचे थे। वहां मौजूद तकनीकी कर्मियों ने सिलेंडर का रबर (ओ-रिंग) बदलकर दावा किया था कि लीकेज पूरी तरह बंद हो चुका है और सिलेंडर उपयोग के लिए सुरक्षित है।

हालांकि, एजेंसी के आश्वासन के बावजूद गुरुवार को घर में सिलेंडर से दोबारा गैस की तीव्र गंध आने लगी और रिसाव बंद नहीं हुआ।

दोबारा जांच के दौरान अचानक भड़की आग

गुरुवार की सुबह जब इंडेन गैस एजेंसी की डिलीवरी गाड़ी गांव में एलपीजी सिलेंडर बांटने पहुंची, तो अमन ने डिलीवरी स्टाफ को रोक लिया। उन्होंने कर्मियों को बताया कि कल रबर बदलने के बावजूद सिलेंडर से अब भी गैस रिस रही है और इसे ठीक करने का अनुरोध किया।

एजेंसी कर्मी दीपक कुमार जब सिलेंडर की जांच कर रिसाव ठीक करने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक चिंगारी के संपर्क में आने से सिलेंडर में भीषण आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया, जिसकी जद में आकर पास खड़े अमन कुमार, अनुराग कुमार और कर्मी दीपक कुमार झुलस गए।

ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

आग लगते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए बालू, पानी और भीगे बोरों की मदद से मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा विस्फोट टल गया। घटना के तुरंत बाद झुलसे तीनों युवकों को वाहन से धरहरा सीएचसी ले जाया गया।

अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया है और उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने एजेंसी की ओर से सुरक्षा मानकों में बरती जा रही ढिलाई पर नाराजगी जताई है।