विदेश में फंसा बिहार का बेटा, सुरक्षित वतन वापसी के लिए सांसद ने उठाई आवाज
सीतामढ़ी के राकेश कुमार को यमन में हिरासत में लिया गया है, जिससे उनके परिवार की चिंता बढ़ गई है। ...और पढ़ें

सीतामढ़ी के निवासी राकेश कुमार।
HighLights
यमन में सीतामढ़ी के राकेश कुमार हिरासत में।
सांसद ने विदेश मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
भर्ती एजेंट की धोखाधड़ी से फंसा राकेश कुमार।
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। बेहतर रोजगार और सुनहरे भविष्य की उम्मीद लेकर विदेश गए सीतामढ़ी के राकेश कुमार की यमन में हिरासत ने उनके स्वजन की चिंता बढ़ा दी है।
परिवार को अब उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार है। इस बीच, राकेश की रिहाई के लिए सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने पहल की है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और राकेश को सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
वैध दस्तावेजों के बावजूद हिरासत में राकेश
सांसद ने विदेश मंत्री को भेजे पत्र में बताया है कि राकेश कुमार सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हरा विशनपुर, वार्ड संख्या-14 निवासी रामविनोद सिंह के पुत्र हैं। राकेश के पासपोर्ट सहित यात्रा से संबंधित सभी दस्तावेज वैध होने के बावजूद उन्हें यमन के अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है।
ओमान से सड़क मार्ग से यमन भेजने की व्यवस्था
पत्र के अनुसार, राकेश ने 13 अक्टूबर को एमिरेट्स एयरलाइंस से दिल्ली से ओमान की यात्रा की थी। वह वैध पर्यटक वीजा के आधार पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ओमान पहुंचे थे।
आरोप है कि एक नियोक्ता अथवा भर्ती एजेंट ने उन्हें यमन के एक अस्पताल में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। ओमान पहुंचने के बाद संबंधित व्यक्ति ने हवाई मार्ग के बजाय सड़क मार्ग से उन्हें यमन भेजने की व्यवस्था की।
भर्ती एजेंट की भूमिका पर जताई आशंका
सांसद ने आशंका जताई है कि राकेश की मौजूदा परेशानी नियोक्ता या भर्ती एजेंट की ओर से की गई भ्रामक यात्रा व्यवस्था का परिणाम हो सकती है।
रोजगार की उम्मीद में राकेश संबंधित व्यक्ति के निर्देशों का पालन कर रहे थे। हालांकि, इस मामले में भर्ती एजेंट की भूमिका और हिरासत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।
विदेश मंत्री से कानूनी सहायता की मांग
सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने विदेश मंत्री से राकेश की वर्तमान स्थिति का पता लगाने और संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित करने का आग्रह किया है। उन्होंने राकेश को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ उनकी शीघ्र रिहाई और सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
परिवार को सुरक्षित वापसी की उम्मीद
राकेश के लगातार हिरासत में रहने से उनके परिजन चिंतित हैं। सांसद की पहल के बाद परिवार को उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद जगी है। अब सबकी निगाहें विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप और राकेश की रिहाई के लिए होने वाली कूटनीतिक पहल पर टिकी हैं।
