शेखपुरा में बिजली पर खत्म होगी निर्भरता, सभी सरकारी भवनों पर लगेंगे सौर ऊर्जा पैनल
शेखपुरा जिले के सभी सरकारी भवनों को बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा से लैस किया जाएगा। अभी तक 85 भवनों पर पैनल लग चुके हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, शेखपुरा। बिजली पर निर्भरता समाप्त करने के लिए जिला के सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा लगाए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर से कार्यवाही के साथ निगरानी और मॉनिटरिंग किया जा रहा है।
इसके लिए जिला में स्थित सरकारी भवनों के आकलन के साथ उसकी सूची भी बनाई जा रही है। सरकारी भवनों की छतों के क्षेत्रफल के अनुसार न्यूनतम 3 मेगावाट से लेकर 500 मेगावाट तक की क्षमता का सौर पैनल स्थापित किया जा रहा है।
ब्रेड़ा के अभियंता ने बताया सरकारी भवनों में जिला समाहरणालय से लेकर जेल, अस्पताल, न्यायालय, सरकारी कार्यालय, सरकारी विद्यालय, पंचायत सरकार भवन से लेकर बड़े सरकारी प्रतिष्ठानों अभियंत्रण कॉलेज, पालिटेकनिक कॉलेज, आईटीआई के भवन भी शामिल हैं।
बताया गया अभी जिला के 85 सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा का पैनल स्थापित किया हुआ है,जिसकी बिजली इन प्रतिष्ठानों को उपलब्ध हो रही है। इसमें सबसे अधिक 500 मेगावाट का सौर पैनल राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय की छतों पर लगाया गया है।
सदर अस्पताल, जिला समाहरणालय, जिला न्यायालय, शेखपुरा जेल में 25 मेगावाट का सौर पैनल लगाया गया है। जिला के सभी सरकारी भवनों पर सौर पैनल लगाने की योजना के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी स्वाती कुमारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।
जिला के सभी प्राथमिक से लेकर उच्चतर तथा सरकारी कालेजों में भी सौर पैनल लगाया जाना है। सौर ऊर्जा के उपयोग से इन सरकारी भवनों में होने वाली बिजली की खपत में काफी कमी आएगी। अभी सौर पैनल लगाने के लिए 340 सरकारी भवनों की सूची बनाई गई है।
एसी के लोड से हांफ रही व्यवस्था
अभी गर्मी के मौसम में सरकारी भवनों पर लगे सौर पैनल क्षमता से अधिक लोड के कारण हांफने लगे हैं। नाम और पद सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया सर्दी के मौसम में तो सब ठीक-ठाक रहता है,मगर गर्मी में अप्रैल से अक्टूबर तक सरकारी भवनों के ये सौर पैनल अत्यधिक लोड के कारण हांफने लगते हैं।
गर्मी के मौसम में कार्यालयों में पंखे और एसी चलने से यह स्थिति होती है। इसका एक और तकनीकी कारण बताया गया जितनी क्षमता के सौर पैनल लगाए जाते हैं,वास्तव में वे उससे कम बिजली देते हैं। समझाते हुए बताया 25 मेगावाट का सौर पैनल अधिकतम 22 मेगावाट ही बिजली देता है।
पीएम सूर्य घर योजना को 10 गांव चिंहित
सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से लैस करने के साथ अब आम नागरिकों के घरों को भी इससे जोड़ने की योजना को क्रियान्वित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की विशेष योजना पीएम सूर्य घर योजना को जिला में लागू किया गया है।
इसके लिए सरकार अनुदान पर सोलर पैनल लगाएगी। इसी योजना के तहत जिला के एक गांव को आदर्श गांव चुनकर उसे पूरी तरह से सौर ऊर्जा से ऊर्जान्वित किया जाएगा।
इसके लिए जिला के 10 गांवों गवय, मेहूस, गगौर, डीहा, लोहान, तेउस, पांची, अंबारी, हुसैनाबाद तथा घुसकुरी का चयन किया गया है। इस योजना के लिए डीडीसी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इन सभी 10 गांवों का सर्वे करके उसमें से किसी एक गांव का चयन आदर्श सौर गांव के रूप में किया जाएगा।
