22 नवंबर से सजेगा विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला: ड्रोन से होगी मॉनिटरिंग, बॉलीवुड और भोजपुरी के सुरों से गूंजेगी शाम
विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले को भव्य बनाने के लिए सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं, ...और पढ़ें

सोनपुर मेले में 250 कैमरों से होगी निगरानी, सात दिन होगा रामायण मंचन (AI Generated Image)
HighLights
250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से होगी मेले की निगरानी।
सांस्कृतिक संध्याओं में बॉलीवुड और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां।
सात दिनों तक रामायण मंचन और एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था।
जाकिर अली, छपरा। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
22 नवंबर से 23 दिसंबर तक आयोजित होने वाले मेले में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता तथा सांस्कृतिक आयोजनों के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं।
जिला नजारत शाखा की ओर से विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए निविदा जारी कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक संध्याओं में गूंजेंगे लोक और शास्त्रीय संगीत के सुर:
इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रतिदिन आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में बॉलीवुड, इंडियन आइडल, सा-रे-गा-मा-पा और राइजिंग स्टार जैसे मंचों से जुड़े चर्चित गायकों के साथ भोजपुरी कलाकार, लोकगायक तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मंडलियां प्रस्तुति देंगी।
इसके अतिरिक्त लगातार सात दिनों तक रामायण मंचन कराया जाएगा। मेले के कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थलों पर 12 फीट लंबे और आठ फीट चौड़े एलईडी पर्दे लगाए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर 40 और 55 इंच के स्मार्ट टीवी लगाने की भी योजना है।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर, बनेगा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष:
मेले में सुरक्षा के लिए 20 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है। यहां 250 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों की मदद ली जाएगी।
कैमरों को बिजली के वैकल्पिक प्रबंध और निर्बाध इंटरनेट से जोड़कर चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था होगी। शिकायतों के त्वरित निपटारे और आपात स्थितियों से निपटने के लिए केंद्रीय मेला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।
14 सेक्टरों में होगी सफाई, घाटों की विशेष व्यवस्था:
स्वच्छता के लिए मेला क्षेत्र को दो जोन और 14 सेक्टरों में बांटा गया है। हरिहरनाथ मंदिर परिसर, पहलेजा घाट, काली घाट, मीना बाजार और पशु बाजारों में विशेष सफाई व्यवस्था रहेगी।
प्रत्येक 250 मीटर पर कूड़ेदान रखे जाएंगे और हर दो घंटे पर कचरा उठाया जाएगा। अस्थायी शौचालयों व स्नानागारों की नियमित सफाई होगी।
कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान के बाद 24 घंटे के भीतर घाटों की सफाई कर चूने और कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा। रास्तों पर ईंट बिछाने और फूलों की क्यारियों से परिसर का सौंदर्यीकरण करने की भी योजना है।
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