22 नवंबर से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला, स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था के लिए टेंडर जारी
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 22 नवंबर से शुरू होगा, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेला ...और पढ़ें

HighLights
सोनपुर मेला 22 नवंबर से होगा शुरू।
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा व्यवस्था की तैयारी की।
नौका एंबुलेंस सहित अस्थायी शिविरों हेतु निविदा।
जागरण संवाददाता, छपरा। हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में इस बार श्रद्धालुओं की सेहत और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेला क्षेत्र में अस्थायी शिविर और औषधालय से लेकर नौका एंबुलेंस तक की व्यवस्था की जाएगी।
इसके लिए सारण के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने फर्म, कंपनी और सोसाइटी से मुहरबंद अल्पकालीन निविदा आमंत्रित की है।इस वर्ष 22 नवंबर से सोनपुर मेला प्रारंभ होगा।
मेला क्षेत्र में चिकित्सा से लेकर प्रचार व्यवस्था तक
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026 के दौरान अस्थायी शिविर और अस्थायी औषधालय की व्यवस्था की जानी है। इसके साथ ही तोरण-द्वार, नौका एंबुलेंस और ग्लो साइन बोर्ड के लिए भी एजेंसी का चयन किया जाएगा। मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए चिकित्सा सुविधा को आयोजन की व्यवस्थाओं से जोड़ा गया है।
तकनीकी और वित्तीय निविदा अलग-अलग
विभाग ने निविदा प्रक्रिया को दो हिस्सों में रखा है। इच्छुक एजेंसी को तकनीकी और वित्तीय निविदा अलग-अलग लिफाफे में रखकर दोनों को एक बड़े लिफाफे में जमा करना होगा। निविदा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जिला स्वास्थ्य समिति, सारण के कार्यालय के सूचना पट्ट के अलावा विभागीय वेबसाइट-www.dhssaran.orgपर उपलब्ध कराई गई है।
13 अक्टूबर तक स्वीकार होगी निविदा
इच्छुक फर्म, कंपनी या सोसाइटी को अपनी मुहरबंद निविदा निबंधित डाक से सिविल सर्जन सह सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, सारण, सदर अस्पताल परिसर, छपरा के पते पर भेजनी होगी। निविदा 13 अक्टूबर 26 को अपराह्न पांच बजे तक स्वीकार की जाएगी। निर्धारित समय के बाद प्राप्त निविदा पर विचार नहीं किया जाएगा।
14 अक्टूबर को खुलेगा लिफाफा
प्राप्त निविदाओं को 14 अक्टूबर 26 को अपराह्न एक बजे सिविल सर्जन सह सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति सारण के कार्यालय कक्ष में खोला जाएगा। विभाग ने निविदा प्रक्रिया में निर्धारित शर्तों और समय-सीमा का पालन अनिवार्य किया है।
