सोनपुर मेला 2026: सैरातों की नीलामी को 4.15 लाख सुरक्षित राशि तय, 32 दिनों तक चलेगा एशिया का सबसे बड़ा मेला
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026 की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन ने राजस्व संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी है। सैरातों ...और पढ़ें

सोनपुर मेला 2026 की तैयारी शुरू (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
सोनपुर मेला 2026 की राजस्व प्रक्रिया जिला प्रशासन ने शुरू की।
सैरातों की बंदोबस्ती के लिए 4.15 लाख रुपये सुरक्षित राशि तय।
अंतिम बंदोबस्ती के लिए 5 अक्टूबर को होगी सैरातों की डाक।
जागरण संवाददाता, छपरा। हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने राजस्व संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेला शुरू होने में करीब दो माह का समय बाकी है, लेकिन सोनपुर अंचल की दो सैरातों की बंदोबस्ती के लिए सुरक्षित जमा राशि निर्धारित कर दी गई है।
जिला राजस्व शाखा की ओर से 19 सितंबर को जारी आम सूचना में गैरमजरूआ मद के लिए 1,32,825 रुपये और बकास्त मद के लिए 2,82,900 रुपये सुरक्षित जमा राशि तय की गई है। प्रशासन की वेबसाइट पर भी बंदोबस्ती से संबंधित सूचना जारी की गई है।
सुरक्षित जमा राशि, अंतिम बंदोबस्ती राशि नहीं
दोनों सैरातों के लिए निर्धारित कुल 4,15,725 रुपये को अंतिम बंदोबस्ती राशि नहीं माना जाएगा। यह सुरक्षित जमा राशि है, जिसके आधार पर इच्छुक व्यक्ति डाक प्रक्रिया में शामिल होंगे। सैरात की वास्तविक बंदोबस्ती राशि डाक के दौरान लगने वाली स्वीकार्य बोली से निर्धारित होगी। इस कारण प्रशासन को बंदोबस्ती से वास्तविक रूप से कितनी राजस्व प्राप्ति होगी, यह पांच अक्टूबर को होने वाली डाक के बाद ही स्पष्ट होगा।
पांच अक्टूबर को होगी डाक, तीन दिन का रखा गया विकल्प
आम सूचना के अनुसार सैरात बंदोबस्ती की डाक पांच अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे अपर समाहर्ता, सारण के कार्यालय में होगी। निर्धारित तिथि को प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में छह और सात अक्टूबर को भी डाक कराई जा सकेगी। इस व्यवस्था के माध्यम से मेला शुरू होने से पहले सैरात से जुड़ी राजस्व प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की गई है।
हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला इस वर्ष 22 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा। कुल 32 दिनों तक चलने वाले मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, व्यापारिक गतिविधियां, सरकारी प्रदर्शनियां और मनोरंजन के विभिन्न साधन उपलब्ध रहते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले इस मेले में बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।
पिछले मेले में 1.66 करोड़ से अधिक की राशि हुई थी स्वीकृत
पिछले वर्ष सोनपुर मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं और कार्यों पर बड़ी राशि खर्च हुई थी। उपलब्ध सरकारी अभिलेख के अनुसार अलग-अलग कार्यों पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 1 करोड़ 66 लाख 69 हजार 535 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। यह राशि मेले से हुई आय नहीं, बल्कि विभिन्न कार्यों पर किए गए सरकारी व्यय की प्रतिपूर्ति से संबंधित थी।
इस बार भी मेले में बड़े स्तर पर गतिविधियां संचालित होंगी। ऐसे में सैरात बंदोबस्ती से प्रशासन को कितनी राजस्व प्राप्ति होती है, इस पर भी नजर रहेगी। सुरक्षित जमा राशि से शुरू हुई प्रक्रिया अब पांच अक्टूबर की डाक में लगने वाली बोली के बाद वास्तविक बंदोबस्ती राशि का रूप लेगी।
