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सारण के मकेर में बाढ़ का कहर: एनएच-722 पर पांच फीट पानी, पावर हाउस डूबा; नाव से पहुंचे डीएम-एसपी

By rajeev ranjanEdited By: Radha Krishna
Published: Thu, 01 Oct 2026 09:03 AM (IST)

सारण के मकेर प्रखंड में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने से गंभीर बाढ़ की स्थिति है, जिससे ...और पढ़ें

एनएच-722 पर पांच फीट पानी, आवागमन बंद

एनएच-722 पर पांच फीट पानी, आवागमन बंद

HighLights

  1. मकेर प्रखंड में गंडक नदी से गंभीर बाढ़ की स्थिति।

  2. एनएच-722 पर पांच फीट पानी, आवागमन पूरी तरह बंद।

  3. डीएम-एसपी ने नाव से पहुंचकर बचाव कार्यों की निगरानी की।

जागरण संवाददाता, छपरा(सारण)। गंडक नदी के बढ़े जलस्तर और सारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद मकेर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। प्रखंड के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पानी लगातार बढ़ रहा है।

कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में नावों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

एनएच-722 पर पांच फीट पानी, आवागमन बंद

छपरा-मुजफ्फरपुर एनएच-722 पर चांदनी चौक के पास करीब पांच फीट पानी बह रहा है। पानी का बहाव तेज होने के कारण इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार की रात करीब 12 बजे से ही आवागमन ठप है। सड़क पर पानी आने से आसपास के गांवों का प्रखंड मुख्यालय और दूसरे क्षेत्रों से संपर्क प्रभावित हुआ है। बाढ़ का पानी लगातार फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

नाव से पहुंचे डीएम-एसपी, रेस्क्यू की निगरानी

एनएच-722 पर विभिन्न स्थानों पर लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार स्वयं नाव से मौके पर पहुंचे।

दोनों अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के अभियान की निगरानी की। बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशासन की प्राथमिकता पानी में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है।

मकेर की पंचायतों में भी चल रही निकासी

सारण तटबंध टूटने के बाद मकेर प्रखंड की कई पंचायतों में पानी फैल गया है। प्रभावित आबादी वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम जारी है।

प्रशासन की टीम संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही है। जरूरत के अनुसार नाव और अन्य बचाव संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत अन्य बचाव दलों को भी सक्रिय रखा गया है।

आधी रात पावर हाउस में घुसा पानी, बिजली ठप

बाढ़ का पानी मकेर के पावर हाउस में भी प्रवेश कर गया। स्थानीय जानकारी के अनुसार बुधवार की रात करीब 12 बजे पावर हाउस में पानी भरने के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

बिजली गुल होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। जरूरी घरेलू कामकाज के साथ मोबाइल चार्ज करने जैसी सामान्य सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। बिजली व्यवस्था बहाल करने को लेकर भी लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है।

बाजार के चारों तरफ पानी, बढ़ा खतरा

मकेर बाजार के चारों ओर बाढ़ का पानी फैल चुका है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बाजार में भी पानी प्रवेश करने का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पानी बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो शाम तक बाजार क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ सकता है। इससे दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है।

माइकिंग से लोगों को किया जा रहा सतर्क

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कराई जा रही है। लोगों को जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव की जानकारी देकर सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

नाव, सामुदायिक रसोई और चिकित्सा शिविर सक्रिय

बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए नावों से निकासी अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई और चिकित्सा शिविरों के माध्यम से भी राहत पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासनिक और बचाव दल क्षेत्र में रहकर स्थिति का लगातार अनुश्रवण कर रहे हैं। जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है।

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