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सारण की बेटी ने गुजरात में हास‍िल क‍िया खास मुकाम, मेड‍िकल के क्षेत्र में हासिल क‍िया गोल्‍ड मेडल

Published: Sun, 08 Nov 2026 08:58 AM (IST)

ज्योति कुमारी ने अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एमएस (ईएनटी) की पढ़ाई पूरी कर गुजरात विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान ...और पढ़ें

एमएस में टॉप करने वाली ज्‍योत‍ि कुमारी। सौ-स्‍वजन

एमएस में टॉप करने वाली ज्‍योत‍ि कुमारी। सौ-स्‍वजन

HighLights

  1. ज्योति कुमारी ने एमएस (ईएनटी) में स्वर्ण पदक जीता।

  2. उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान हासिल किया।

  3. एकमा, सारण की बेटी ने क्षेत्र का मान बढ़ाया।

जागरण संवाददाता, एकमा (सारण)। मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो सफलता की राह खुद बन जाती है।एकमा नगर पंचायत स्थित भरहोपुर गांव की बेटी ज्योति कुमारी ने इस बात को साबित कर दिया है।

उन्होंने अहमदाबाद के प्रतिष्ठित बीजे मेडिकल कॉलेज से एमएस (ENT) की पढ़ाई पूरी कर गुजरात विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

इस उपलब्धि के लिए उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है। उनकी सफलता से न केवल परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र का मान बढ़ा है।

ज्योति ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने बड़ौदा से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की थी।

इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लक्ष्य के साथ एमएस (ईएनटी) की पढ़ाई के लिए अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया।

कठिन अध्ययन और निरंतर मेहनत के दम पर उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

केंद्रीय विद्यालय से मेडिकल कॉलेज तक का सफर

ज्योति की प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से हुई। बचपन से ही पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि और लगन ने उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

एमबीबीएस के बाद विशेषज्ञता हासिल करने का उनका संकल्प अब स्वर्ण पदक के साथ नई उपलब्धि में बदल गया है।ज्योति के पिता रामसेवक दुबे भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।

वर्तमान में वह केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के डीप ओशन मिशन सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।

उनकी माता शकुंतला दुबे गृह‍िणी हैं। परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन ने भी ज्योति की शैक्षणिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बेटी की सफलता से गांव में खुशी

ज्योति की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही भरहोपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

उनके भाई राजीव दुबे, चाचा शिवसेवक दुबे उर्फ देवता जी और कृष्णसेवक दुबे तथा मामा विवेकानंद तिवारी, देवानंद तिवारी और विजय आनंद तिवारी सहित अन्य स्वजनों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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