विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बचपन में छिना मां-बाप का साया, ट्यूशन पढ़ाकर संभाला परिवार; अब बिहार पुलिस में सलेक्ट होकर संगीता ने बढ़ाया मान

Published: Sat, 31 Oct 2026 02:10 PM (IST)

संगीता कुमारी ने कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली। कई असफलताओं के बावजूद, उन्होंने ...और पढ़ें

संगीता कुमारी। फोटो जागरण

 संगीता कुमारी। फोटो जागरण

HighLights

  1. कम उम्र में माता-पिता को खोया, संभाली जिम्मेदारी।

  2. ट्यूशन पढ़ाकर, दुकान चलाकर भाई-बहनों को पढ़ाया।

  3. कई असफलताओं के बाद बिहार पुलिस में चयन।

अमृतेश, छपरा। मां की ममता और पिता की छांव छिन जाए, तो जिंदगी का सफर कितना कठिन हो जाता है। संगीता कुमारी ने इस दर्द को करीब से जिया। कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।

छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई न रुके, इसलिए ट्यूशन पढ़ाया और घर में छोटी-सी किराना दुकान खोली। आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव के बीच उन्होंने अपनी खुशियों से पहले परिवार का भविष्य चुना।

कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता मिली, लेकिन हौसला नहीं टूटा। आखिरकार वर्ष 2026 में बिहार पुलिस में चयनित होकर संगीता ने साबित किया कि दृढ़ संकल्प से मुश्किलों को मात दी जा सकती है। आज वह केवल अपने परिवार का सहारा नहीं, बल्कि उसकी पहचान और गौरव भी हैं।

छोटी उम्र में संभाला परिवार

संगीता के जीवन में दुखों का दौर वर्ष 2016 में मां गायत्री देवी के निधन से शुरू हुआ। अगले वर्ष, 2017 में पिता पुन्नु मांझी भी चल बसे। पिता का टेंट कारोबार उनके निधन के बाद बंद हो गया।

घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। ऐसे में बड़ी बेटी होने के नाते संगीता ने जिम्मेदारी संभाली। ट्यूशन पढ़ाकर और छोटी-सी किराना दुकान चलाकर घर के खर्च में हाथ बंटाया। छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष करती रहीं।

अपनी खुशियों से पहले बसाया भाई का घर

बड़ी बेटी होने के कारण संगीता पर शादी का सामाजिक दबाव भी था। ताने मिलते थे कि बहन की शादी नहीं होने से भाई का विवाह नहीं हो पा रहा है,लेकिन उन्होंने अपनी शादी को प्राथमिकता देने के बजाय रिश्तेदारों की मदद से छोटे भाई मुन्ना कुमार की शादी कराई।

असफलताओं के बाद मिली सफलता

जिम्मेदारियों के बीच संगीता ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने रामजयपाल महाविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। प्रतियोगी परीक्षाओं में कई बार असफल होने के बावजूद प्रयास जारी रखा। वर्ष 2026 में बिहार पुलिस में चयन ने उनके संघर्ष को नई मंजिल दी।

परिवार के लिए बनीं प्रेरणा

संगीता के भाई राजा स्नातक प्रथम वर्ष और राजन दसवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। मुन्ना कुमार पिता के टेंट कारोबार को फिर से शुरू करने के प्रयास में जुटे हैं। संगीता की सफलता परिवार के लिए नई उम्मीद है।

यह भी पढ़ें- पिता मजदूर, मां धोती थी पुलिसवालों के कपड़े; बेटा BPSC पास कर बना राजस्व अधिकारी

यह भी पढ़ें- बिहार में चुनावी हार के बाद भाजपा में मंथन, हरीश द्विवेदी लेंगे फीडबैक; पटना में आरके सिन्हा का करेंगे अंतिम दर्शन

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।