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झाड़ू-पोछा का काम करती हैं मां, साइकिल खरीदने के नहीं थे पैसे; क्लब की मदद से छपरा की बेटी ने जीता गोल्ड

Published: Sat, 10 Oct 2026 03:48 PM (IST)

छपरा की मीरा कुमारी ने आर्थिक तंगी के बावजूद राष्ट्रीय माउंटेन साइकिलिंग प्रतियोगिता में सातवां स्थान हासिल कर हौसले की मिसाल पेश की।

साइकल के साथ मीरा कुमारी। फोटो जागरण

साइकल के साथ मीरा कुमारी। फोटो जागरण

HighLights

  1. आर्थिक तंगी के बावजूद राष्ट्रीय माउंटेन साइकिलिंग में सातवां स्थान।

  2. राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण और कांस्य पदक जीते।

  3. साथी स्पोर्ट्स क्लब ने रेसिंग साइकिल उपलब्ध कराई।

अमृतेश, छपरा। छपरा के बिचला तेलपा की तंग गलियों से निकलकर राष्ट्रीय माउंटेन साइकिलिंग प्रतियोगिता तक पहुंचने वाली मीरा कुमारी की कहानी हौसले और मेहनत की मिसाल है।

घर में आर्थिक तंगी है। मां दूसरों के घरों में काम कर परिवार चलाती हैं। बेटी के पास अपनी रेसिंग साइकिल तक नहीं थी। लेकिन सपनों की उड़ान संसाधनों की मोहताज नहीं हुई।

मीरा ने अभ्यास जारी रखा और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व कर सातवां स्थान हासिल किया। अब उसकी निगाहें पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करने पर हैं।

पुलिस लाइन में सहेलियों संग लगाती थी रेस

मीरा कुमारी छपरा शहर के बिचला तेलपा मोहल्ले की रहने वाली है। स्व. सोपाल साह और रिंकू देवी की बेटी मीरा को बचपन से ही साइकिल चलाने का शौक था।

वह अक्सर अपनी सहेलियों के साथ पुलिस लाइन जाती थी। वहां सहेलियों के साथ तेज साइकिल चलाने की होड़ लगाती थी। यही शौक धीरे-धीरे जुनून में बदल गया।

इसी दौरान उसकी मुलाकात फुटबाल खिलाड़ी और प्रशिक्षक ममता कुमारी से हुई। ममता ने मीरा की प्रतिभा को पहचाना। उन्हें मार्गदर्शन दिया और खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद मीरा ने साइकिलिंग को गंभीरता से लेना शुरू किया। नियमित अभ्यास और मेहनत उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गए।

आर्थिक तंगी भी नहीं रोक सकी कदम

मीरा की मां रिंकू देवी घरों में काम करके परिवार का भरण-पोषण करती हैं। सीमित आमदनी के कारण खेल के जरूरी संसाधन जुटाना आसान नहीं था।

सबसे बड़ी परेशानी रेसिंग साइकिल की थी। मीरा के पास अपनी साइकिल नहीं थी। ऐसे में साथी स्पोर्ट्स क्लब ने उसे रेसिंग साइकिल उपलब्ध कराई। इस सहयोग से उसके सपनों को नई रफ्तार मिली।

राज्य में जीता स्वर्ण, राष्ट्रीय स्तर पर सातवां स्थान

मेहनत रंग लाई तो मीरा ने राज्य स्तरीय माउंटेन साइकिलिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। राज्य स्तरीय अस्मिता साइकिलिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। इन उपलब्धियों ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया।

हाल ही में ओडिशा में आयोजित 34वीं राष्ट्रीय माउंटेन साइकिलिंग प्रतियोगिता में मीरा ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने प्रतियोगिता में सातवां स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि उसके संघर्ष और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।

मीरा का सफर अभी थमा नहीं है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना चाहती है। उसकी कहानी बताती है कि परिस्थितियां चाहे जितनी कठिन हों, हौसले बुलंद हों तो मंजिल तक पहुंचने का रास्ता निकल ही आता है।

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