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डिजिटल सुरक्षा की नई प्रहरी बनीं सीतामढ़ी की प्रियंका, परीक्षा में मिले 98.75 प्रतिशत अंक

Published: Sat, 10 Oct 2026 03:32 PM (GMT+05:30)

सीतामढ़ी की शिक्षिका प्रियंका कुमारी ने साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर 'प्रोस्पेक्टिव मास्टर ट्रेनर' का दर्जा हासिल किया है।

शिक्षिका प्रियंका कुमारी। (फाइल फोटो)

शिक्षिका प्रियंका कुमारी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शिक्षिका प्रियंका कुमारी बनीं साइबर सुरक्षा मास्टर ट्रेनर।

  2. राष्ट्रीय प्रशिक्षण में 98.75% अंक प्राप्त कर हासिल की सफलता।

  3. अब शिक्षकों-छात्रों को सिखाएंगी सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के गुर।

जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर खतरों के बीच सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए जिले की शिक्षिका प्रियंका कुमारी नई भूमिका में नजर आएंगी।

परिहार स्थित मध्य विद्यालय मलहाटोल की शिक्षिका प्रियंका ने राष्ट्रीय स्तर के साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण की अंतिम मूल्यांकन परीक्षा में 98.75 प्रतिशत अंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

इस उपलब्धि के बाद उन्हें ‘प्रोस्पेक्टिव मास्टर ट्रेनर’ बनाया गया है। अब वह शिक्षकों और विद्यार्थियों को साइबर खतरों से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के गुर सिखाएंगी।

राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण में बिहार से हुआ था चयन

सीआइईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली के तत्वावधान में 24 से 26 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।

‘साइबर सुरक्षा एवं संरक्षा—द्वितीय चरण (हिंदी संस्करण)’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों के मुख्य प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से चयनित 20 शिक्षकों और शिक्षक प्रशिक्षकों में जिले की प्रियंका कुमारी भी शामिल थीं।

प्रशिक्षण का उद्देश्य साइबर जोखिमों की पहचान और रोकथाम, व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक आंकड़ों की सुरक्षा, साइबर घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया और विद्यार्थियों में जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता की समझ विकसित करना था।

प्रियंका ने प्रशिक्षण के सभी सत्रों, गतिविधियों और आकलनों को पूरा करते हुए अंतिम परीक्षा में 98.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उन्हें इसका आधिकारिक प्रमाण-पत्र भी मिला है।

डिजिटल शिक्षा में पहले से सक्रिय

प्रियंका कुमारी डिजिटल सशक्तीकरण और शैक्षणिक नवाचार के क्षेत्र में पहले से सक्रिय रही हैं। कोविड काल में उन्होंने शिक्षकों और महिलाओं के डिजिटल कौशल विकास के लिए निःशुल्क ऑनलाइन एवं सूचना-संचार तकनीक (आइसीटी) कक्षाएं संचालित की थीं।

प्राथमिक शिक्षा में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उनके ‘फोक टीएलएम’ और जनसहभागिता मॉडल ‘निपुण अभिभावक–निपुण बच्चे’ ने भी विशिष्ट पहचान बनाई है।

अब मास्टर ट्रेनर के रूप में वह अपने अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ अन्य शिक्षकों तथा विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगी। उनकी यह उपलब्धि जिले में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।