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आपका गांव किस पंचायत में होगा? बिहार में पंचायत चुनाव से पहले सीमाएं बदलने की तैयारी, राजस्व नक्शे से होगा फैसला

Published: Tue, 03 Nov 2026 10:14 AM (IST)

Bihar Panchayat Election 2026 : छपरा जिले में 2026 के पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई ...और पढ़ें

Bihar Panchayat Elections : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

Bihar Panchayat Elections : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. 2026 पंचायत चुनाव हेतु छपरा में परिसीमन तेज।

  2. राजस्व नक्शे और भौतिक सत्यापन आधार बनेंगे।

  3. त्रुटि सुधार कर नई पंचायत सीमाएं तय होंगी।

जागरण संवाददाता, छपरा(सारण)। Bihar Panchayat Election 2026 Updates :आगामी पंचायत आम निर्वाचन 2026 को लेकर छपरा जिले में पंचायतों के परिसीमन की कवायद तेज कर दी गई है। इस बार पंचायतों की नई सीमाएं तय करने में राजस्व ग्राम के अभिलेखीय नक्शे को आधार बनाया जाएगा। यानी पंचायत की चौहद्दी तय करने में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज गांवों और उनकी सीमाओं का विशेष महत्व होगा।

जिला प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि कागज पर दर्ज सीमा और जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थिति में कोई अंतर न रहे। इसी वजह से नक्शा तैयार करने के बाद संबंधित इलाकों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा।

राजस्व नक्शे से शुरू होगी परिसीमन की पूरी प्रक्रिया

जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को परिसीमन का काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी भी बैठक से जुड़े।

डीएम ने अधिकारियों से परिसीमन से जुड़े नौ बिंदुओं पर तेजी से काम करने को कहा। सबसे पहले राजस्व ग्राम के अभिलेखों में उपलब्ध नक्शों को आधार बनाकर पंचायतों की संभावित नई सीमा का प्रारूप तैयार किया जाएगा।

नक्शा तैयार होने के बाद जमीन पर होगा सत्यापन

सिर्फ सरकारी नक्शे के आधार पर सीमा तय नहीं की जाएगी। प्रारूप तैयार होने के बाद राजस्व विभाग के अमीन संबंधित क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि रिकॉर्ड में जो सीमा दिखाई गई है, वह जमीन पर भी उसी जगह मौजूद है या नहीं। यदि किसी गांव, टोला या क्षेत्र की स्थिति नक्शे से अलग मिलती है तो उसे दोबारा जांचकर आवश्यक सुधार किया जाएगा।

गलती मिली तो फिर तैयार होगा संशोधित मैप

भौतिक सत्यापन के दौरान यदि राजस्व नक्शे में कोई त्रुटि मिलती है या कोई इलाका निर्धारित सीमा से बाहर पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों को उसमें संशोधन करना होगा।

इसके बाद संशोधित नक्शा तैयार किया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि अंतिम मैप तैयार होने से पहले हर स्तर पर उसकी जांच हो जाए, ताकि चुनाव के समय पंचायत की सीमा को लेकर किसी तरह का विवाद या भ्रम पैदा न हो।

नई चौहद्दी के साथ दस्तावेज भी होंगे अपलोड

परिसीमन के बाद पंचायतों की नई चौहद्दी का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके साथ संबंधित सहायक दस्तावेज और संशोधित नक्शे को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना होगा।

इस पूरी प्रक्रिया में बीडीओ की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण रहेगी। उन्हें केवल मैप तैयार कराने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि नक्शे में किए गए संशोधन और पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों की भी जांच करनी होगी।

बीडीओ खुद करेंगे नक्शे और रिकॉर्ड की जांच

डीएम ने स्पष्ट किया कि संबंधित बीडीओ स्वयं परिसीमन से जुड़े नक्शों और दस्तावेजों का भौतिक एवं अभिलेखीय सत्यापन करेंगे। इसका मतलब है कि रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और मौके पर मौजूद स्थिति, दोनों का मिलान किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया है कि परिसीमन में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। छोटी सी गलती भी भविष्य में पंचायत की सीमा और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

आखिर पंचायत परिसीमन इतना महत्वपूर्ण क्यों?

पंचायतों का परिसीमन केवल नक्शे में सीमा बदलने की प्रक्रिया नहीं है। इसके आधार पर यह तय होता है कि कौन-सा गांव, टोला या क्षेत्र किस पंचायत के अंतर्गत आएगा। इसी व्यवस्था के आधार पर आगामी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

इसलिए किसी इलाके की सीमा गलत दर्ज होने पर मतदाताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और चुनावी व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। प्रशासन इसी संभावना को पहले ही खत्म करने के लिए नक्शे और जमीन की स्थिति का मिलान करा रहा है।

2026 के पंचायत चुनाव की तैयारी में अहम कदम

जिला प्रशासन के अनुसार आगामी पंचायत आम निर्वाचन इसी परिसीमन के आधार पर कराया जाना है। ऐसे में परिसीमन का काम चुनावी तैयारियों का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ पारदर्शिता और गंभीरता से काम पूरा करने का निर्देश दिया है। अब राजस्व नक्शे, स्थल सत्यापन, संशोधित मैप और दस्तावेजों की जांच के बाद पंचायतों की नई सीमाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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