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Bihar MLC Election 2026 में पर्चा भरने के लिए कटानी होगी हजारों की रशीद, 1/6 वोट नहीं मिले डूब जाएंगे पैसे  

Published: Sat, 26 Sep 2026 05:05 PM (IST)

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव में उम्मीदवारों की जमानत राशि और उसके जब्त होने के नियम बताए गए हैं।

बिहार विधान परिषद। फाइल फोटो

बिहार विधान परिषद। फाइल फोटो

HighLights

  1. सामान्य वर्ग के लिए ₹10,000, SC/ST के लिए ₹5,000 जमानत राशि।

  2. कुल वैध मतों का 1/6 हिस्सा न मिलने पर जमानत जब्त।

  3. 2023 के चुनाव में 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी।

जागरण संवाददाता, छपरा। चुनाव में अक्सर प्रत्याशी की जमानत जब्त होने की चर्चा होती है। दरअसल, नामांकन के समय उम्मीदवार को निर्धारित जमानत राशि जमा करनी पड़ती है। इसे आम बोलचाल में एनआर कटवाना कहा जाता है। चुनाव में निर्धारित न्यूनतम मत नहीं मिलने पर यही राशि जब्त हो जाती है।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए जमानत राशि 10 हजार रुपये और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी के लिए पांच हजार रुपये निर्धारित है।

यह राशि प्रमंडलीय आयुक्त सह निर्वाची पदाधिकारी के नजारत कार्यालय में जमा कर उसकी रसीद लेनी होगी। नामांकन पत्र के साथ रसीद की मूल प्रति भी देनी होगी।

निर्वाचन नियमों के अनुसार, पराजित प्रत्याशी को कुल वैध मतों का एक-छठा या उससे कम मत मिलने पर उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है। एक-छठे से अधिक मत प्राप्त करने वाले पराजित उम्मीदवार की राशि वापस कर दी जाती है। निर्वाचित प्रत्याशी की जमानत भी वापस होती है।

नामांकन रद होने, नाम वापस लेने या मतदान से पहले उम्मीदवार की मृत्यु होने जैसी परिस्थितियों में भी नियम के अनुसार राशि लौटाई जाती है।

2023 में 12 उम्मीदवारों की जब्त हुई थी जमानत

2023 के शिक्षक निर्वाचन में तीन प्रत्याशियों को छोड़कर शेष 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। वर्तमान चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 10,731 मतदाता हैं।

इनमें 8,877 पुरुष और 1,854 महिला मतदाता हैं। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

उप निर्वाची पदाधिकारी आलोक कुमार राय ने बताया कि 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ एनआर फार्म उपलब्ध कराया जाएगा। उम्मीदवारों की सुविधा के लिए 28 सितंबर से ही फार्म उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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