समस्तीपुर: ट्रेन में नकली सोना बेचकर यात्रियों को लगाते थे चूना, पिता और दो बेटे गिरफ्तार
समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर ट्रेनों में नकली सोना बेचकर यात्रियों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रेलवे सुरक्षा ...और पढ़ें

ट्रेन में नकली सोना बेचकर यात्रियों को लगाते थे चूना, पिता और दो बेटे गिरफ्तार
HighLights
समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर नकली सोना बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया।
रेलवे सुरक्षा बल ने पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया।
यात्रियों को कम दाम में नकली सोना बेचकर ठगी करते थे।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर ट्रेनों में यात्रियों को नकली सोना बेचकर ठगी करने वाले एक गिरोह का रेलवे सुरक्षा बल ने पर्दाफाश किया है। मामले में पिता और उसके दो पुत्रों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपितों की पहचान हसनपुर थाना क्षेत्र के वार्ड 9 निवासी मो. युनुस(55) और उसके पुत्र मो. दाऊद (24) तथा मो. गुड्डू (25) के रूप में हुई है। तीनों वर्तमान में शहर के धर्मपुर इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे। आरोपितों के पास से चोरी का एक मोबाइल भी बरामद होने की बात सामने आई है।
पिता-पुत्र मिलकर बिछाते थे ठगी का जाल:
रेलवे सुरक्षा बल की जांच में ठगी का तरीका भी सामने आया है। बताया गया कि पिता और दोनों पुत्र ट्रेनों में यात्रियों के बीच सफर करते थे। इनके गिरोह के अन्य सदस्य भी अलग-अलग यात्री बनकर उसी ट्रेन में सवार रहते थे।
आरोपित अपने पास पीले रंग के प्लास्टिक में नकली सोना रखते थे। यात्रियों को भरोसा दिलाने के लिए गिरोह का एक सदस्य खरीदार बनकर सामने आता था। वह कथित सोने का सौदा करता और पहले से रखे नकली नोट देकर उसे खरीदने का नाटक करता था।
कम कीमत में सोना बिकता देख आसपास बैठे यात्रियों को लगता था कि उन्हें भी सस्ते में असली सोना मिल सकता है। इसी लालच में यात्री असली रुपये देकर नकली सोना खरीद लेते थे। सौदा पूरा होते ही गिरोह के सदस्य मौका देखकर निकल जाते थे।
महिला से ठगी के बाद खुला गिरोह का राज:
बताया गया कि पिछले दिनों दरभंगा से ट्रेन में सफर कर रही एक महिला इसी तरीके से ठगी का शिकार हुई थी। महिला की शिकायत मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले को गंभीरता से लिया। मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
छानबीन के दौरान सुराग मिलने पर तीनों पिता-पुत्र को पकड़ लिया गया। कार्रवाई करने वाली टीम में रेलवे सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर अविनाश क्रोशिया, सब इंस्पेक्टर शशिकांत तिवारी, राधेश्याम, जितेंद्र कुमार और प्रकाश रंजन समेत अन्य जवान शामिल थे।
रेल थानाध्यक्ष बीरबल कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
