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बिहार के लाल का अनोखा कमाल, समस्तीपुर के संजय की 'आंख' अंतरिक्ष से देखेगी धरती

Published: Fri, 09 Oct 2026 01:19 PM (IST)

MEERA Multispectral Camera : समस्तीपुर के युवा इंजीनियर संजय कुमार के नेतृत्व वाली हैदराबाद की ईओएन स्पेस लैब्स ने 502 ग्राम का मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग कैमरा 'मीरा' अंतरिक्ष में भेजा है।

प्रदर्शनी में संजय से कैमरे के बारे में जानकारी लेते रक्षा मंत्रालय के वरीय अधिकारी। सौ : संजय

प्रदर्शनी में संजय से कैमरे के बारे में जानकारी लेते रक्षा मंत्रालय के वरीय अधिकारी। सौ : संजय

मुकेश कुमार, समस्तीपुर। Earth Observation Technology : समस्तीपुर जिले के युवा इंजीनियर की तकनीकी प्रतिभा अब अंतरिक्ष में भारत की तस्वीरें खींचने की तैयारी में है। जिला मुख्यालय स्थित रेलवे कालोनी में पले-बढ़े संजय कुमार के नेतृत्व वाली हैदराबाद की डीपटेक कंपनी ईओएन स्पेस लैब्स ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

कंपनी की तीन विज्ञानियों की टीम ने महज 502 ग्राम वजन वाले अत्याधुनिक मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग कैमरा मीरा को अंतरिक्ष तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है।

यह कैमरा अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग अंतरिक्ष बल अड्डे से एक अक्टूबर को स्पेसएक्स के फाल्कन-9 राकेट के ट्रांसपोर्टर-18 अभियान के जरिये पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंच चुका है।

इसे टेकमी2स्पेस के एमओआइ-1ए कक्षीय कंप्यूटिंग उपग्रह के साथ जोड़ा गया है। 10 अक्टूबर से कैमरा काम करना शुरू करेगा और अंतरिक्ष से धरती की तस्वीरों के साथ विभिन्न प्रकार का आंकड़ा जुटाएगा।

502 ग्राम का कैमरा, नौ रंग-पट्टी में जुटाएगा आंकड़ा

मीरा की सबसे बड़ी विशेषता उसका बेहद कम वजन और छोटा आकार है। महज 502 ग्राम वजन वाला यह सूक्ष्म अंतरिक्ष चित्रण उपकरण नौ अलग-अलग बहुवर्णीय पट्टियों में धरती से संबंधित आंकड़े जुटाने में सक्षम है। इसका धरातलीय विभेदन करीब 9.2 मीटर है। कम वजन में अधिक क्षमता वाला कैमरा तैयार करना आसान नहीं था।

अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले उपकरण को प्रक्षेपण के दौरान तेज कंपन और अंतरिक्ष में तापमान के बड़े बदलावों के बीच काम करने लायक बनाना पड़ता है। संजय और उनकी टीम ने इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए हल्का और अत्याधुनिक प्रकाशीय तंत्र विकसित किया।

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तीन भारतीय इंजीनियरों ने मिलकर शुरू की कंपनी

इस उपलब्धि के पीछे तीन भारतीय इंजीनियरों की टीम है। समस्तीपुर के संजय कुमार ने उज्जैन के पुनीत बदेका और मनोज कुमार गड्डम के साथ मिलकर वर्ष 2022 में हैदराबाद में ईओएन स्पेस लैब्स की नींव रखी थी।

संजय कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। संजय प्रकाशीय तंत्र के डिजाइन और विकास से जुड़े हैं। पुनीत सूक्ष्म और सटीक निर्माण तकनीक पर काम करते हैं, जबकि मनोज प्रकाशीय अंतरिक्ष उपकरणों के तंत्र और साझेदारियों से जुड़े हैं।

संजय ने तिरुवनंतपुरम स्थित भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से एवियोनिक्स में बीटेक किया। इसके बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास से प्रकाशिकी एवं प्रकाश तकनीक में परास्नातक की पढ़ाई की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद संजय ने उन्नत प्रकाशिकी और चित्रण तकनीक के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने एलवी प्रसाद नेत्र संस्थान और अमेरिका के रोचेस्टर चिकित्सा केंद्र से जुड़े संस्थान में आठ वर्ष से अधिक समय तक अनुकूली प्रकाशिकी पर काम किया।

संजय के पिता शिव बचन समस्तीपुर स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में कार्यरत थे। शुरुआती पढ़ाई शहर के सेंट्रल पब्लिक स्कूल से हुई।

वर्ष 2006 में माध्यमिक और 2008 में उच्चतर माध्यमिक परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने कोटा जाकर आइआइटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। बचपन से ही विज्ञान और तकनीक में रुचि रखने वाले संजय ने आगे अंतरिक्ष और प्रकाशीय तकनीक को अपना क्षेत्र बनाया।

कई अन्य क्षेत्रों में भी उपयोगी

संजय कहते हैं कि मीरा से मिलने वाले बहुवर्णीय आंकड़ों का उपयोग खेतों में फसल की स्थिति, जमीन में नमी, प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी, जंगलों और पर्यावरण में बदलाव तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन इसके संभावित उपयोग में शामिल हैं।

वे नौसेना के लिए भी निगरानी उपकरण तैयार कर रहे हैं। संजय की तकनीकी यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुकी है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास ने ईओएन स्पेस लैब्स को भारत इनोवेट्स-2026 के लिए चुना था। इसके तहत संजय ने कंपनी की ओर से फ्रांस के पेरिस में भारतीय डीपटेक और एयरोस्पेस तकनीक का प्रतिनिधित्व किया।

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