घर की खुशहाली कमाने यूपी गया था सोनू, सड़क हादसे ने छीनी जिंदगी, सहरसा में शव पहुंचते ही मचा कोहराम
उत्तर प्रदेश में एक भीषण सड़क हादसे में 25 वर्षीय सोनू मुखिया की मौत हो गई। उनका शव सहरसा के ...और पढ़ें
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सहरसा के पटोरी गांव में सोनू का शव पहुंचने पर शोकाकुल परिजन।
HighLights
यूपी में भीषण सड़क हादसे में सोनू मुखिया की दर्दनाक मौत।
शव सहरसा के पटोरी गाँव पहुँचते ही परिवार में मातम।
रोजी-रोटी कमाने गए अविवाहित सोनू की असमय मृत्यु।
संवाद सूत्र, सत्तरकटैया (सहरसा)। सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पटोरी गाँव में उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उत्तर प्रदेश में हुए एक भीषण सड़क हादसे में मृत 25 वर्षीय युवक सोनू मुखिया का शव उसके पैतृक गाँव पहुँचा। सोनू का शव गाँव पहुँचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
मृतक की माता रेखा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान पटोरी निवासी रमेश मुखिया के 25 वर्षीय पुत्र सोनू मुखिया के रूप में हुई है।
रोजी-रोटी की तलाश में गया था बाहर, खुद की ली थी मालवाहक गाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को सुधारने और अपनों का सहारा बनने के लिए सोनू घर से दूर रोजी-रोटी की तलाश में गया था।
उसने दिल्ली में मेहनत-मजदूरी कर अपना छोटा-सा कारोबार स्थापित करने का प्रयास शुरू किया था और हाल ही में दिल्ली से एक मालवाहक गाड़ी खरीदी थी।
वह उसी गाड़ी को लेकर स्वयं उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में सोनू की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था अविवाहित सोनू
सोनू अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था और अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी। परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा अपने बेहतर भविष्य का हसीन सपना संजोए सोनू की इस प्रकार असमय मौत हो जाने से पूरे परिवार की आस टूट गई है।
जिस बेटे से परिवार को भविष्य में संबल मिलने की बड़ी उम्मीद थी, उसके अचानक चले जाने से पूरा परिवार सदमे में है।
कुशल व्यवहार से गाँव भर में था सभी का चहेता
अपने सौम्य, कुशल व्यवहार और मिलनसार स्वभाव के कारण सोनू गाँव के युवाओं और बुजुर्गों के बीच काफी लोकप्रिय और चहेता था। उसकी इस प्रकार असमय मौत की खबर मिलते ही गाँव के सैकड़ों लोग उसके घर परिजनों को ढांढस बंधाने पहुँचे।
ग्रामीणों का कहना है कि नियति के इस क्रूर खेल ने एक होनहार और मेहनती युवा को असमय ही छीन लिया।
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