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बेटियां भी जीत सकती हैं देश के लिए मेडल, सहरसा में साक्षी मलिक ने खिलाड़ियों को किया प्रेरित

Published: Wed, 14 Oct 2026 07:21 PM (IST)

Sakshi Malik Olympic Medalist Women: ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने सहरसा में आयोजित महिला कुश्ती प्रतियोगिता में शिरकत की।

महिला कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करतीं ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक।

महिला कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करतीं ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक।

HighLights

  1. साक्षी मलिक ने सहरसा में महिला कुश्ती प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।

  2. उन्होंने खिलाड़ियों को देश के लिए मेडल जीतने को प्रेरित किया।

  3. छोटे शहरों से ही निकलती हैं देश की खेल प्रतिभाएं।

संवाद सूत्र, सहरसा। Sakshi Malik Olympic Medalist Women: देश की प्रथम ओलंपिक पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कहा है कि सहरसा जैसे छोटे शहर में महिला कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य आयोजन पूरे देश के लिए एक नई मिसाल है।

शहर के एमएलटी कॉलेज मैदान में सहरसा नगर निगम द्वारा आयोजित राज्य/राष्ट्रीय स्तरीय महिला कुश्ती प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं साक्षी मलिक ने स्थानीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उन्होंने कहा कि सहरसा में लड़कियां कुश्ती जैसे खेल में जिस तरह अपनी गहरी रुचि दिखा रही हैं, यह पूरे राज्य और देश के लिए अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने अपने सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे खुद भी एक छोटे से शहर से निकलकर आज इस मुकाम तक पहुंची हैं।

खेलने और अपने सपनों को साकार करने के लिए सुख-सुविधाएं कभी कोई मायने नहीं रखतीं। इस तरह के आयोजनों से ही महिला कुश्ती को बढ़ावा मिलेगा और यही बेटियां कल जाकर राज्य व देश का प्रतिनिधित्व करेंगी और मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाएंगी। जब महिलाएं खेल के मैदान में अपना जौहर दिखाएंगी, तभी देश वास्तविक मायनों में आगे बढ़ेगा।

घर की चौखट से बाहर निकलें लड़कियां

साक्षी मलिक ने युवा लड़कियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर की चौखट से बाहर निकलें और कुश्ती जैसे खेलों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

अगर बेटियां पहले जिला स्तर पर खेलेंगी, फिर राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगी, तो उनके अंदर देश के लिए मेडल जीतने का आत्मविश्वास और जज्बा खुद-ब-खुद पैदा होगा। उन्होंने बेटियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर खेलने की सलाह दी।

छोटे गांवों और शहरों से ही निकलती हैं प्रतिभाएं

साक्षी ने सहरसा के खेल प्रेमियों और नगर निगम प्रशासन की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की असली खेल प्रतिभाएं छोटे-छोटे गांवों और कस्बों से ही निकलकर सामने आती हैं।

उन्होंने कहा कि "जब मैं देश के लिए ओलंपिक मेडल जीत सकती हूं, तो यहां की प्रतिभावान बेटियां भी आगे जाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का परचम लहरा सकती हैं।"

नगर निगम की पहल की सराहना और खिलाड़ियों से अपील

सहरसा नगर निगम प्रशासन का आभार जताते हुए साक्षी मलिक ने कहा कि महिला कुश्ती के विकास के लिए ऐसा आयोजन सराहनीय है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आईं महिला पहलवानों से पूरे समर्पण, संजीदगी और जज्बे के साथ कुश्ती के दांव-पेच खेलने तथा देश के लिए मेडल जीतने का संकल्प लेने की अपील की। इस अवसर पर सहरसा के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा सहित खेल प्रेमी और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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"खेलने के लिए सुख-सुविधाएं मायने नहीं रखतीं, खिलाड़ियों के अंदर केवल जज्बा और लगन होनी चाहिए। सहरसा की बेटियां जब कुश्ती के अखाड़े में उतरेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी, तभी भारत आगे बढ़ेगा। छोटे शहरों से ही देश की बड़ी प्रतिभाएं निकलती हैं।"

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— साक्षी मलिक, प्रथम भारतीय महिला ओलंपिक पदक विजेता (कुश्ती)