सहरसा के 1184 सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर! कायाकल्प के लिए मिले 4 करोड़, 30 नवंबर तक खर्च करनी होगी 65% राशि
सहरसा जिले के 1184 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए शिक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत 4 करोड़ ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
सहरसा के 1184 स्कूलों के लिए 4 करोड़ रुपये आवंटित।
'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत होगा जीर्णोद्धार।
समय पर कार्य न होने पर राशि अन्य जिलों को हस्तांतरित।
संवाद सूत्र, सहरसा। सहरसा जिले के सरकारी प्रारंभिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के माहौल को सुदृढ़ बनाने और आधारभूत संरचनाओं को आधुनिक रूप देने के लिए बड़े पैमाने पर कायाकल्प योजना शुरू की गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने जिले के प्रारंभिक और नव उत्क्रमित माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार, अनुरक्षण तथा मरम्मत कार्य के लिए करीब चार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है।
सहरसा जिले के 1184 प्रारंभिक व नव उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार, अनुरक्षण व मरम्मत हेतु 4 करोड़ आवंटित
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत स्कूलों के वर्ग कक्षों और आधारभूत संरचना का होगा कायाकल्प
विभाग द्वारा प्रथम चरण में 65% स्वीकृत राशि विमुक्त, शेष 35% राशि का आवंटन 30 नवंबर 2026 के बाद किया जाएगा
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रोहित रौशन का निर्देश: समय-सीमा में कार्य पूरा न होने पर आवश्यकता आधारित राशि दूसरे जिलों को होगी ट्रांसफर
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के 1184 विद्यालयों के वर्ग कक्षों की मरम्मत, पेयजल, शौचालय और भवन की ओवरहॉलिंग सुनिश्चित की जाएगी।
नव उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों को मिलेगी प्राथमिकता; दो किस्तों में जारी होगी कुल राशि
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार इस अभियान के तहत जिले के नव उत्क्रमित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर राशि आवंटित की जा रही है।
वित्त विभाग के तय मानकों (बंधेजों) के तहत स्वीकृत कुल राशि का 65 प्रतिशत हिस्सा जिलों को तत्काल विमुक्त कर दिया गया है ताकि जीर्णोद्धार कार्य अविलंब शुरू हो सके।
वहीं, तृतीय बंधेज सीमा के तहत शेष 35 प्रतिशत राशि का आवंटन 30 नवंबर 2026 के उपरांत किया जाएगा। जिन विद्यालयों में मरम्मत हेतु पर्याप्त राशि पहले से उपलब्ध नहीं है, उन्हें ही इस सूची में शामिल किया गया है।
लापरवाही पर वापस होगी राशि; डीईओ बोले—सौंदर्यीकरण से बढ़ेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित राशि का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समुचित उपयोग नहीं किया गया, तो आवश्यकता आधारित उस राशि को वापस लेकर अन्य जिलों को पुनर्आवंटित कर दिया जाएगा।
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रोहित रौशन ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी स्कूलों के भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण के लिए पारदर्शी तरीके से राशि दी जा रही है। अधिकारियों और प्राचार्यों को गुणवत्तापूर्ण कार्य समय पर पूरा कराने का सख्त निर्देश दिया गया है।
"विभाग द्वारा हर वर्ष जिले के सरकारी स्कूलों में भवन की मरम्मत, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। आवंटन मिलते ही संबंधित 1184 विद्यालयों में तीव्र गति से जीर्णोद्धार कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है ताकि बच्चों को बेहतर माहौल में शिक्षा मिल सके।"
