सहरसा में रेल सुरक्षा की खुली पोल, सामने खड़ी रही ट्रेन, खुला बैरियर पार करते रहे लोग
सहरसा के हटियागाछी रेलवे ढाला पर होम सिग्नल लाल होने और ट्रेन के सामने खड़ी होने के बावजूद लोग बेपरवाह ...और पढ़ें

सहरसा के हटियागाछी रेलवे ढाला पर ट्रेन के पास से गुजरते वाहन व राहगीर
HighLights
हटियागाछी ढाला पर लाल सिग्नल पर भी आवाजाही जारी।
सामने खड़ी ट्रेन के बावजूद लोग पार करते रहे पटरी।
रेलकर्मी को बैरियर लगाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
संवाद सूत्र, सहरसा। पूर्व मध्य रेल के सहरसा-मधेपुरा रेल खंड पर स्थित व्यस्त हटियागाछी रेलवे ढाला पर गुरुवार की दोपहर एक बेहद खतरनाक और लापरवाही से भरी तस्वीर सामने आई।
यहाँ ट्रेन के बिल्कुल नजदीक आ जाने और होम सिग्नल लाल होने के बावजूद लोगों की बेपरवाह आवाजाही जारी रही। ट्रेन सामने खड़ी होने के बाद भी ई-रिक्शा और अन्य वाहन बेखौफ होकर रेल पटरी पार करते रहे, जिससे कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता था।
डेमू ट्रेन के सामने से निकलते रहे वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्णिया-सहरसा डेमू पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 75257) दिन के करीब दो बजे सहरसा स्टेशन की ओर आ रही थी। इसी दौरान हटियागाछी रेलवे ढाला पर होम सिग्नल रेड होने के कारण लोको पायलट ने ट्रेन को ढाला से पहले ही रोक दिया था। ट्रेन के पूरी तरह सामने खड़े होने के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इधर से उधर आवाजाही करते रहे।
रेलकर्मी को लगानी पड़ी दौड़, लोगों में रोष
स्थिति इतनी नियंत्रणहीन हो गई कि रेलवे ढाला पर तैनात रेलकर्मी को खुद दौड़कर और काफी मशक्कत उठाकर हाथ से खींचकर बैरियर गिराना पड़ा। रेलकर्मी को भी बैरियर लगाने के दौरान लोगों की भीड़ के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ी।
स्थानीय और समझदार नागरिकों ने इस घटना पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि जब आवागमन के लिए नियम बने हैं और सामने स्पष्ट रूप से ट्रेन खड़ी है, तब भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते और जबरन बैरियर पार करने की कोशिश करते हैं। ऐसी लापरवाही कभी भी किसी भीषण जानलेवा हादसे का सबब बन सकती है।
इस संबंध में स्थानीय रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होम सिग्नल रेड होने की वजह से ट्रेन को रोका गया था और ट्रेन का सामान्य परिचालन जारी था। हालांकि, जनता के स्तर पर बरती जा रही इस तरह की लापरवाही रेलवे सुरक्षा के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई है।
